Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में आज एक भावनात्मक एवं आत्मीय वातावरण देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वरिष्ठ विधायक धर्मलाल कौशिक, विधायक अतल श्रीवास्तव तथा पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने पूज्य पिताजी के तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर अपनी विनम्र श्रद्धांजलि दी। इस अवसर ने केवल दिवंगत आत्मा के प्रति आदर और श्रद्धा प्रकट की, बल्कि उनके जीवन के सिद्धांतों और मूल्यों को भी उजागर किया।

एक आत्मीय और गरिमामय क्षण
इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति न केवल कार्यक्रम को विशेष बना गई, बल्कि परिवार के सभी सदस्यों को गहरे भावनात्मक संबल और स्नेह की अनुभूति भी कराई। यह अवसर उन दुर्लभ पलों में से एक था, जब राजनीति से परे मानवीय संवेदनाएं, आत्मीयता और मूल्यों की झलक स्पष्ट दिखाई दी। परिवार की ओर से यह कहा गया कि यह केवल एक श्रद्धांजलि समारोह नहीं था, बल्कि पूज्य पिताजी के द्वारा अपनाए गए जीवन मूल्य—ईमानदारी, सेवा, त्याग और समाज के प्रति समर्पण को पुनः स्मरण करने और सम्मानित करने का अवसर था।


जनप्रतिनिधियों की श्रद्धांजलि
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पिताजी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा, 
“पिताजी जैसे व्यक्तित्व हमारे समाज की आधारशिला होते हैं। उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनके प्रति हमारी यह श्रद्धांजलि, उनके जीवन की साधना को नमन करने का एक छोटा प्रयास है।”
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धर्मलाल कौशिक ने भी पिताजी के त्याग और उनके सामाजिक योगदान को स्मरण करते हुए कहा, “उनका जीवन अनुकरणीय था। समाज को जो दिशा और नैतिकता उन्होंने दी, वह आने वाले वर्षों तक याद रखी जाएगी।”
विधायक अतल श्रीवास्तव ने कहा, “उनका जीवन एक ऐसा प्रकाशपुंज था, जिसने समाज को नई सोच और ऊर्जा दी। आज उनके चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हृदय श्रद्धा से भर उठा है।”
पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा, “उनकी विनम्रता और लोकसेवा का भाव, हम सबके लिए एक मार्गदर्शक है। इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सम्मिलित होना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”

परिवार को मिला भावनात्मक बल
परिवार की ओर से जारी वक्तव्य में कहा गया कि इन सभी माननीयों की उपस्थिति और आत्मीयता ने केवल एक श्रद्धांजलि अर्पित नहीं की, बल्कि परिवार को गहरे भावनात्मक स्तर पर एक विशेष बल प्रदान किया। यह भाव उस क्षण को अत्यंत संवेदनशील और मार्मिक बना गया, जब व्यक्ति अपनों को खोने के बाद समाज से अपनापन और सहानुभूति की अपेक्षा करता है। परिवार ने सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शुभचिंतकों और मित्रों का आभार प्रकट किया, जिन्होंने इस श्रद्धांजलि अवसर को विशेष और अविस्मरणीय बनाया।
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