Khairagarh. खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (केसीजी) जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के अवसर पर “एकता वृक्षारोपण (एकता वृक्ष अभियान)” की थीम के तहत जुलाई माह के प्रथम गुरुवार को थाना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक लक्ष्य शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें जनप्रतिनिधियों, आम नागरिकों और पुलिस अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान थाना परिसर सहित विभिन्न स्थानों पर वृक्षारोपण किया गया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके साथ ही आम नागरिकों की समस्याओं, शिकायतों और सुझावों पर खुली चर्चा कर उनका मौके पर ही निराकरण किया गया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को नवीन आपराधिक कानूनों की जानकारी भी दी और उनके महत्व को विस्तार से समझाया।
थाना दिवस कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तैनात किया गया था ताकि स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश कुमार गौतम ने थाना ठेलकाडीह और ओपी जालबांधा में, उप पुलिस अधीक्षक रमेश चंद्रा ने थाना मोहगांव में, उप पुलिस अधीक्षक प्रदीप ऐरेवार ने थाना गातापार में, उप पुलिस अधीक्षक ममता अली शर्मा ने बकरकट्टा और साल्हेवारा में, एसडीओपी आशारानी ने खैरागढ़ थाना में तथा एसडीओपी गंडई मानकराम कश्यप ने छुईखदान थाना में पहुंचकर जनसमस्याओं का समाधान किया।
कार्यक्रम में साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, यातायात नियमों के पालन और नवीन कानूनों की जानकारी आम नागरिकों को दी गई। इसके साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in तथा “चक्षु” पोर्टल की उपयोगिता पर भी जागरूकता फैलाई गई। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ती साइबर ठगी, नशा, शराबखोरी और सड़क दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं पर नियंत्रण के लिए जनजागरूकता बेहद जरूरी है। विशेष रूप से नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, शराब पीकर ड्राइविंग करने और सार्वजनिक स्थानों पर नशे से जुड़ी गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
थाना दिवस के दौरान आमजन ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें अवैध शराब बिक्री, नशीले पदार्थों का सेवन, साइबर ठगी, आवारा मवेशियों से होने वाली सड़क दुर्घटनाएं और अन्य सामाजिक समस्याएं प्रमुख रहीं। अधिकारियों ने सभी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके साथ ही सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में साइबर जागरूकता और यातायात जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। पुलिस ने ग्रामीणों को यह भी समझाया कि किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 सेवा का उपयोग किया जा सकता है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, बैंक कर्मियों, पत्रकारों, ग्राम प्रमुखों, कोटवारों और बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। सभी ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनहित में उपयोगी बताया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जिले में शराब, नशा और अन्य असामाजिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। थाना दिवस का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना, संवाद बढ़ाना और समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। यह कार्यक्रम प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय गुरुवार को जिले के सभी थाना एवं चौकी क्षेत्रों में आयोजित किया जाएगा, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल सके।