Bemetara. बेमेतरा। अवैध सट्टे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साजा थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1,920 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और सट्टा-पट्टी सहित कुल 16,920 रुपये का सामान जब्त किया है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, साजा थाना क्षेत्र के ग्राम सोमईकला स्थित
धान संग्रहण
केंद्र के पास अवैध रूप से सट्टा खिलाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना को गंभीरता से लेते हुए थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी। पुलिस टीम को देखकर वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। कार्रवाई के दौरान ग्राम सोमईकला निवासी प्रदीप कुमार साहू (34 वर्ष) को सट्टा-पट्टी लिखते हुए पकड़ा गया।

मोबाइल से भेजता था सट्टा-पट्टी की फोटो
प्रारंभिक पूछताछ में प्रदीप कुमार साहू ने पुलिस को बताया कि वह स्वयं सट्टे का संचालन नहीं करता था, बल्कि दुर्ग जिले के ग्राम मेडेसरा निवासी तेजेन्द्र उर्फ सोनू (32 वर्ष) और जीवन लाल पटेल (32 वर्ष) के लिए सट्टा-पट्टी लिखने का काम करता था। पुलिस के मुताबिक, प्रदीप सट्टा खेलने वाले लोगों से रकम लेकर पर्ची तैयार करता था। इसके बाद सट्टा-पट्टी की फोटो अपने मोबाइल फोन के माध्यम से तेजेन्द्र उर्फ सोनू और जीवन लाल पटेल को भेजता था। इसके बदले उसे पैसे दिए जाते थे। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मामले में शामिल दोनों अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की।

तीनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने तेजेन्द्र उर्फ सोनू और जीवन लाल पटेल को भी गिरफ्तार कर लिया। इस तरह मामले में कुल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1,920 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और सट्टा-पट्टी बरामद की। जब्त सामान की कुल कीमत 16,920 रुपये बताई गई है। पुलिस ने बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामग्री को जांच में शामिल कर लिया है। मोबाइल फोन के माध्यम से सट्टा कारोबार से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की जानकारी जुटाने के लिए भी जांच की जा रही है।

जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 के तहत कार्रवाई की है। इसके अलावा संगठन बनाकर सट्टा-पट्टी लिखवाने के आरोप में बीएनएस की धारा 112(1) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध सट्टा केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसके कारण कई परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से जिले में अवैध जुआ और सट्टा गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

साइबर सेल की भी रही भूमिका
इस कार्रवाई में साजा थाना पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस ने स्थानीय स्तर पर मिली सूचना के आधार पर कार्रवाई शुरू की और मौके पर दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। इसके बाद पूछताछ और उपलब्ध जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों का नेटवर्क कितना बड़ा है और सट्टा गतिविधियों से जुड़े अन्य लोग इसमें शामिल हैं या नहीं। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों से मिले साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी
पुलिस ने कहा है कि जिले में अवैध शराब, गांजा, नशीले पदार्थ, जुआ और सट्टा समेत अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में सूचना मिलने पर तत्काल जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास किसी स्थान पर अवैध जुआ, सट्टा या अन्य आपराधिक गतिविधियां संचालित होने की जानकारी हो तो इसकी सूचना पुलिस को दें। सूचना देने वाले की पहचान को यथासंभव गोपनीय रखने का भी भरोसा दिलाया गया है।
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