नवा रायपुर में प्रोफेसर साइबर ठगी के शिकार, खाते से 1.08 लाख रुपये पार
छग
Raipur. रायपुर। नवा रायपुर स्थित ट्रिपल आईटी के एक सहायक प्राध्यापक साइबर ठगी का शिकार हो गए। अज्ञात साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते से 1 लाख 8 हजार रुपये निकाल लिए। मामले की शिकायत के बाद राखी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ट्रिपल आईटी नवा रायपुर में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत 34 वर्षीय कृष्णानंद विश्वकर्मा संस्थान के प्राध्यापक आवास में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 5 जून को उनके मोबाइल फोन पर स्टेट बैंक खाते से रकम कटने के तीन अलग-अलग संदेश प्राप्त हुए। इन संदेशों में 44 हजार रुपये, 44 हजार रुपये और 20 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी दी गई थी।
अचानक खाते से राशि कटने की सूचना मिलने पर उन्होंने अपने लैपटॉप के माध्यम से नेट बैंकिंग में लॉगिन कर खाते की जांच की। जांच के दौरान उन्हें पता चला कि उनके खाते में "मोहम्मद फैजन" नाम का एक व्यक्ति बेनिफिशियरी के रूप में जुड़ा हुआ है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने इस नाम को कभी अपने खाते में नहीं जोड़ा और इसके लिए उनके मोबाइल पर कोई ओटीपी या सत्यापन संदेश भी प्राप्त नहीं हुआ था। ट्रांजेक्शन हिस्ट्री की जांच करने पर यह स्पष्ट हुआ कि तीन अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 1 लाख 8 हजार रुपये उक्त खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। इसके बाद उन्हें साइबर ठगी की आशंका हुई और उन्होंने तत्काल पुलिस से संपर्क किया।
कृष्णानंद विश्वकर्मा ने शिकायत में बताया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने अवैध तरीके से उनके नेट बैंकिंग खाते तक पहुंच बनाकर छेड़छाड़ की और रकम दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए राखी थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस अब बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड, संबंधित खातों की जानकारी और साइबर तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी ने किस माध्यम से नेट बैंकिंग खाते तक पहुंच बनाई और रकम का हस्तांतरण किया। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और साइबर अपराधियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी टीम की मदद ली जा रही है।