Korba. कोरबा। पाली थाना क्षेत्र में छेड़छाड़ और लगातार परेशान किए जाने के आरोपों के बीच एक 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती छात्रा ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने गांव के ही 17 वर्षीय नाबालिग पर छात्रा को कॉलेज आते-जाते रास्ते में रोककर परेशान करने और छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है और नाबालिग के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
परिजनों के मुताबिक, छात्रा कॉलेज में पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि गांव का नाबालिग लंबे समय से उसे परेशान कर रहा था और उससे मिलने के लिए लगातार दबाव बनाता था। परिजनों का कहना है कि छात्रा की ओर से मना किए जाने और समझाइश देने के बावजूद नाबालिग के व्यवहार में बदलाव नहीं आया। परिजनों ने आरोप लगाया कि नाबालिग छात्रा पर भावनात्मक दबाव भी बनाता था। बताया गया कि वह अपने भाई और मां के नाम सुसाइड नोट लिखकर छात्रा को धमकाता था कि यदि वह उससे नहीं मिली तो वह खुद आत्महत्या कर लेगा। इस तरह के कथित व्यवहार से छात्रा मानसिक रूप से परेशान थी। परिवार की ओर से समझाइश देने के बावजूद स्थिति सामान्य नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि लगातार मानसिक तनाव और परेशान किए जाने के बाद छात्रा ने 3 सितंबर को चूहामार दवा खा ली। जहर सेवन के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पाली लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद छात्रा को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था। परिजनों को उम्मीद थी कि इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार होगा, लेकिन करीब तीन दिन बाद रविवार शाम उसकी मौत हो गई। छात्रा की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों के अनुसार, छात्रा पढ़ाई में होशियार थी और उसने 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद कॉलेज में दाखिला लिया था। वह आगे की पढ़ाई को लेकर गंभीर थी। परिवार की आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियां भी चुनौतीपूर्ण थीं। छात्रा के पिता नहीं हैं, जबकि उसके दोनों भाई बाहर रहकर काम करते हैं। परिजनों ने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान दोनों भाई घर आए थे। छात्रा ने दोनों भाइयों को राखी बांधी थी। इसके कुछ समय बाद ही उसकी तबीयत बिगड़ने और फिर मौत की खबर से परिवार सदमे में है। परिजन अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से मिले मेमो के आधार पर जिला अस्पताल चौकी में बयान दर्ज किया गया है। मामले में 17 वर्षीय नाबालिग के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस द्वारा पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच के दौरान छात्रा को कथित रूप से परेशान किए जाने, छेड़छाड़ और अन्य आरोपों से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्रा की मौत के मामले में पुलिस परिजनों के बयान समेत अन्य पहलुओं को भी जांच में शामिल कर रही है।