Raigarh. रायगढ़। जिले में नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा और गुमशुदगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे “अभियान संवेदना” के तहत कोतरारोड़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने घर से लापता हुई नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर लिया है। मामले में पुलिस ने एक 23 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी बालिका को जन्माष्टमी का मेला दिखाने के बहाने अपने साथ ले गया था। जांच के दौरान उसके खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
जानकारी के मुताबिक, 4 सितंबर 2026 को एक नाबालिग बालिका बिना बताए घर से कहीं चली गई थी। परिजनों ने काफी तलाश करने के बाद इसकी सूचना पुलिस को दी। परिजनों ने आशंका जताई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए 7 सितंबर 2026 को कोतरारोड़ थाने में अपराध क्रमांक 325/2026 दर्ज किया गया। प्रारंभ में पुलिस ने धारा 137(2) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला कायम कर जांच शुरू की। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन और एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में पुलिस ने बालिका की तलाश के लिए तत्काल टीम सक्रिय की। थाना प्रभारी निरीक्षक शील आदित्य सिंह के नेतृत्व में महिला उप निरीक्षक दीपिका निर्मलकर ने मामले की विवेचना शुरू की। पुलिस ने बालिका के परिजनों और उसकी सहेलियों से पूछताछ की। इसके अलावा उसके सोशल मीडिया अकाउंट और संपर्क में आए लोगों की जानकारी भी खंगाली गई।
जांच के दौरान पुलिस को एक युवक के संपर्क में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने युवक के संबंध में जानकारी जुटाई तो उसके कोरबा जिले से जुड़े होने का पता चला। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध युवक किरोड़ीमलनगर क्षेत्र में देखा गया है। सूचना मिलते ही कोतरारोड़ पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए क्षेत्र में घेराबंदी की और संदिग्ध युवक को पकड़ लिया। उसके साथ गुम हुई नाबालिग बालिका भी बरामद हो गई। पुलिस के अनुसार, महिला पुलिस अधिकारी द्वारा बालिका से पूछताछ करने पर उसने बताया कि करीब चार महीने पहले चांपा से रायगढ़ आने के दौरान ट्रेन में उसकी युवक से पहचान हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच मोबाइल फोन के माध्यम से बातचीत होने लगी थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि रक्षाबंधन के दौरान बालिका की अपनी मां से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। बालिका ने इसकी जानकारी युवक को दी थी।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद युवक ने बालिका को कोरबा में जन्माष्टमी मेला दिखाने के बहाने बुलाया। आरोपी उसे चांपा से अपने साथ कोरबा ले गया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान उसने बालिका के साथ होटल में दुष्कर्म किया। इसके बाद दोनों ट्रेन से डोंगरगढ़ पहुंचे और वहां एक-दो दिन जन्माष्टमी मेले में घूमे। बाद में ट्रेन से वापस रायगढ़ आए, जहां पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। बालिका की बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी अनूप साह, उम्र 23 वर्ष, निवासी कोरबा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार मामले में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(2)(m) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 जोड़ी गई है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद उसके परिजनों को सूचना दी गई और न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नाबालिग बालिका की गुमशुदगी को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जानकारी, सोशल मीडिया गतिविधियों और मुखबिर तंत्र की मदद से कार्रवाई की गई। अभियान संवेदना के तहत पुलिस का उद्देश्य गुम बालिकाओं और महिलाओं की तलाश में त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें सुरक्षित बरामद करना है। इस कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन एवं सुपरविजन में निरीक्षक शील आदित्य सिंह, उप निरीक्षक दीपिका निर्मलकर, प्रधान आरक्षक बाबूलाल और आरक्षक चंद्रेश पाण्डेय की अहम भूमिका रही।
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