रेलवे स्टेशन पर हमला करने वाले बदमाशों का पुलिस ने निकाला जुलूस, देखें VIDEO...
छग
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन परिसर में शनिवार रात घटित लूट और चाकूबाजी की सनसनीखेज वारदात में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में GRP थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच राहत पहुंचाई है। घटना शनिवार देर शाम की है जब रेलवे स्टेशन की पार्किंग का प्रभार संभाल रहे मैनेजर रवि आहूजा पर तीन बदमाशों ने हमला कर दिया। आरोपियों ने रवि को चाकू से घायल कर मौके से लगभग 10 से 15 हजार रुपये की नगदी लूट ली और फरार हो गए। घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरा-तफरी मच गई और रेलवे पुलिस को तत्काल सूचना दी गई।
मुख्य आरोपी की पहचान कुख्यात हिस्ट्रीशीटर व निगरानी गुंडा बदमाश शेख हुसैन के रूप में हुई है। वह गंज थाना क्षेत्र का कुख्यात अपराधी है और उस पर पहले से 12 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या का प्रयास, जानलेवा हमला, गंभीर मारपीट और अवैध गतिविधियां शामिल हैं। पुलिस ने उसे तीन महीने के लिए जिलाबदर किया था, लेकिन उसने आदेश का उल्लंघन करते हुए दोबारा शहर में प्रवेश कर यह वारदात कर डाली। अन्य दो आरोपी मनीष गजभिए और पप्पू साहू हैं, जो शेख हुसैन के सहयोगी बताए जा रहे हैं। वारदात के बाद तीनों अलग-अलग दिशाओं में भाग निकले थे, लेकिन क्राइम ब्रांच और GRP थाना पुलिस की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की सूचना के आधार पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। शेख हुसैन को गोंदवारा इलाके से पकड़ा गया, जो उसका पुराना छिपने का ठिकाना बताया जा रहा है। मनीष गजभिए और पप्पू साहू को चुना भट्टी इलाके में छिपे होने की सूचना पर दबिश देकर हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों को स्टेशन परिसर के सामने लाकर जुलूस निकाला और उठक-बैठक करवाई, जिससे आम जनता को यह संदेश दिया जा सके कि अपराधियों के लिए शहर में कोई जगह नहीं है। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने पुलिस की तत्परता की सराहना की। GRP थाना प्रभारी ने जानकारी दी कि इस मामले में लूट, हत्या के प्रयास, शांति भंग और सरकारी आदेश की अवहेलना जैसी गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है और उनके पिछले आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर अलग-अलग मामलों में भी जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा और निगरानी तंत्र की कमजोरी को उजागर किया है, लेकिन साथ ही पुलिस की त्वरित और साहसिक कार्रवाई ने अपराधियों के मनोबल को तोड़ने का भी कार्य किया है। यह घटना पुलिस-प्रशासन के लिए एक चेतावनी भी है कि निगरानी बदमाशों की गतिविधियों पर और अधिक सख्त नियंत्रण जरूरी है। इस बीच, रेलवे स्टेशन परिसर की सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है, और पार्किंग एरिया में सुरक्षा कैमरों की संख्या बढ़ाने की भी तैयारी की जा रही है।