मधुमक्खियों के झुंड में फंसे युवकों को पुलिस जवान ने बचाया, देखें VIDEO...
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Raigarh. रायगढ़। थाना लैलूंगा क्षेत्र में ग्राम कमरगा के 6–7 युवकों के जीवन को मधुमक्खियों के झुंड से खतरा होने पर लैलूंगा पुलिस के प्रधान आरक्षक शिव पैंकरा ने अपनी जान जोखिम में डालकर उन्हें सुरक्षित बचाया। साहस और मानवता का परिचय देते हुए यह कार्य न केवल पुलिस की कर्तव्यनिष्ठा बल्कि मानवीय संवेदना का भी प्रमाण है। घटना दिनांक 29 जनवरी की दोपहर लगभग 1 बजे हुई। सूचना के अनुसार, प्रधान आरक्षक शिव पैंकरा अपने नियमित अपराध एवं शिकायत जांच के कार्य के लिए मोटरसाइकिल से ग्राम भ्रमण कर रहे थे। इसी दौरान ग्राम रूडूकेला पहुँचने पर उन्हें पता चला कि ग्राम कमरगा के 6–7 युवक कबड्डी खेलने के लिए जा रहे थे। अचानक मधुमक्खियों का झुंड उन पर टूट पड़ा। घबराए हुए युवक संतुलन खोकर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही शिव पैंकरा ने तत्काल स्थिति का आकलन किया और बिना अपनी सुरक्षा की परवाह किए कार्रवाई शुरू की। उन्होंने बड़ी प्लास्टिक शीट और मशाल का उपयोग करके मधुमक्खियों को युवकों से दूर भगाया। इस साहसिक प्रयास में आसपास के ग्रामीणों की भी मदद ली गई और सभी घायलों को सुरक्षित रूप से लैलूंगा अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। इस साहसिक कार्य की सराहना थाना प्रभारी लैलूंगा उप निरीक्षक गिरधारी साव ने भी की और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को इसकी जानकारी दी। इस पर एसएसपी रायगढ़ श्री शशि मोहन सिंह ने प्रधान आरक्षक शिव पैंकरा के विवेकपूर्ण एवं बहादुरीपूर्ण कार्य को मान्यता देते हुए उन्हें पारितोषिक और सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि इस प्रकार के साहसिक और निष्ठावान प्रयास पुलिस की सेवा भावना और मानव जीवन के प्रति जिम्मेदारी का स्पष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने अन्य जवानों को भी इसी प्रकार सेवा भाव और जिम्मेदारी से कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
घटना ने स्थानीय लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास और भरोसा बढ़ाया है। ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय पर आरक्षक शिव पैंकरा घटना स्थल पर नहीं पहुँचते, तो युवकों की जान खतरे में पड़ सकती थी। उनका साहसिक और निश्चिंत कार्य न केवल पुलिसकर्मियों के मानवतावादी दृष्टिकोण को दर्शाता है, बल्कि समुदाय में सुरक्षा और सहयोग की भावना को भी प्रोत्साहित करता है। प्रधान आरक्षक शिव पैंकरा का यह कार्य पुलिस की कार्यप्रणाली में उत्कृष्ट उदाहरण माना जा रहा है। स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस घटना की व्यापक चर्चा हुई है। ग्रामीण एवं स्थानीय स्कूलों के बच्चे और युवा भी इस बहादुरीपूर्ण घटना से प्रेरित हैं। इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने में बल्कि समाज के सुरक्षित और मानवतावादी पहलुओं में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। एसएसपी रायगढ़ ने इसे मानवीय संवेदना और साहस का मिसाल बताते हुए अन्य जवानों को जीवन रक्षा और समुदाय सेवा के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। यह घटना पुलिस और समुदाय के बीच विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण साबित हुई है।