Bilaspur. बिलासपुर। तिफरा पुलिस कालोनी में सोमवार की सुबह एक विवाद ने गंभीर रूप धारण कर लिया जब आरक्षक देवचरण मरावी की पत्नी ममता मरावी ने अपने पड़ोसी और आरक्षक की पत्नी पूजा शर्मा के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जुर्म दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट ने बताया कि घटना 2 मार्च की सुबह 7.30 बजे हुई। ममता मरावी अपने बेटे को स्कूल छोड़ने के लिए पार्किंग में गई थीं। उसी समय, सी ब्लाक मकान नम्बर 601 में रहने वाली पूजा शर्मा वहां पहुंची और ममता पर गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया। ममता ने पुलिस को बताया कि पूजा ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी और मारपीट की।
ममता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूजा शर्मा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। सिरगिट्टी टीआई ने कहा कि इस प्रकार की हिंसक घटनाओं को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच पूरी होने तक सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। स्थानीय निवासी भी घटना से सकते में हैं। कॉलोनी के लोगों ने बताया कि इस प्रकार के विवाद आम नहीं हैं, लेकिन पड़ोसी झगड़े और व्यक्तिगत तनाव कभी-कभी इस तरह की घटनाओं को जन्म दे सकते हैं। पुलिस ने आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और मारपीट के कारण उत्पन्न सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाए जा रहे हैं।
घटना ने यह स्पष्ट किया कि छोटे विवाद भी तेज़ी से हिंसक रूप ले सकते हैं, खासकर जब लोग व्यक्तिगत भावनाओं और गुस्से में बह जाएं। पुलिस ने प्रभावित महिला ममता मरावी को सुरक्षा और सहयोग प्रदान किया है और जांच जारी है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की हिंसक गतिविधि की सूचना तुरंत थाना या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह मामला छत्तीसगढ़ में पड़ोसी और घरेलू विवादों की बढ़ती घटनाओं पर भी प्रकाश डालता है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मारपीट, धमकी और हिंसा के मामलों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।