Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत राजधानी रायपुर में छात्राओं को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया गया। थाना पंडरी की ओर से 24 सितंबर को शासकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI), सड्डू में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 150 छात्राओं के साथ संस्थान की शिक्षिकाएं और अन्य स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को मौजूदा समय में सामने आ रहे अलग-अलग प्रकार के साइबर अपराधों के बारे में सरल और व्यावहारिक तरीके से जानकारी दी। छात्राओं को बताया गया कि इंटरनेट और डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधी भी ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी और जागरूकता लोगों को आर्थिक नुकसान और साइबर अपराध का शिकार होने से बचा सकती है।
पुलिस ने विशेष रूप से UPI फ्रॉड, OTP और बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी लिंक एवं वेबसाइट, फिशिंग, सोशल मीडिया फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट जैसे साइबर अपराधों के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने, KYC अपडेट के नाम पर बैंक संबंधी जानकारी मांगने और साइबर ब्लैकमेलिंग के मामलों से बचाव के उपाय भी बताए गए। छात्राओं को समझाया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, UPI PIN या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक या किसी अन्य संस्थान का प्रतिनिधि बताकर फोन करने वाले व्यक्ति को भी बिना सत्यापन के निजी या वित्तीय जानकारी नहीं देने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में संदिग्ध लिंक, वेबसाइट और QR कोड से होने वाले खतरों के बारे में भी बताया गया। पुलिस ने कहा कि किसी लिंक पर क्लिक करने या QR कोड का इस्तेमाल करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करना जरूरी है। सोशल मीडिया का उपयोग करते समय भी निजी जानकारी, फोटो और अन्य संवेदनशील सामग्री साझा करने में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को साइबर ठगी होने की स्थिति में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया की भी जानकारी दी। बताया गया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने या मामले को छिपाने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके अलावा National Cyber Crime Reporting Portal के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
पुलिस के अनुसार, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत जितनी जल्दी दर्ज कराई जाती है, उतनी ही जल्दी संबंधित एजेंसियां आवश्यक कार्रवाई शुरू कर सकती हैं। इसलिए ठगी का पता चलते ही तत्काल शिकायत करने पर जोर दिया गया। साइबर जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं और संस्थान के स्टाफ को स्वयं सतर्क रहने के साथ अपने परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस ने कहा कि जागरूकता साइबर अपराध से बचाव का महत्वपूर्ण माध्यम है। छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत नॉर्थ जोन के अलग-अलग क्षेत्रों में विद्यार्थियों, संस्थानों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी देने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में महिला ITI सड्डू में कार्यक्रम आयोजित कर छात्राओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के जरूरी उपाय बताए गए।