दुर्ग में धान खरीदी जोर पर: एक दिन में 70 हजार टन से अधिक धान की खरीदी
छग
Durg. दुर्ग। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। शुक्रवार 28 नवम्बर को किसानों की भारी भीड़ उपार्जन केंद्रों में दिखी। जिले के 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केन्द्रों में कुल 13,257 किसानों से 70,178.32 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। खरीदी के इस आँकड़े ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सफलता को एक बार फिर साबित किया है। शासन की पारदर्शी धान खरीदी प्रणाली, तुंहर टोकन व्यवस्था और उपार्जन केंद्रों में किए गए बेहतर प्रबंधों के कारण किसानों को धान बेचने में सहूलियत मिल रही है। किसान निर्धारित तिथि के अनुसार अपने-अपने केंद्रों में पहुंच रहे हैं, जिससे भीड़ और अव्यवस्था की स्थिति सामने नहीं आ रही है।
जिला प्रशासन की ओर से बताया गया कि उपार्जन केंद्रों में किसानों के लिए पेयजल, बैठने की सुविधा, बारदाने की उपलब्धता और तौल मशीनों की नियमित जांच जैसी व्यवस्थाओं को प्रमुखता दी गई है। केंद्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी किसान को कोई परेशानी न हो। बताया गया कि जिले में धान खरीदी के लिए बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। किसानों को बारदाने की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए संबंधित समितियों को नियमित सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही नमी मापने की मशीनों को भी सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है, ताकि धान की क्वालिटी के आधार पर सही मूल्य सुनिश्चित हो सके। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष किसानों की सुविधा के लिए ऑनलाइन टोकन प्रणाली को और मजबूत किया गया है। किसान अपने मोबाइल फोन के माध्यम से ही धान बेचने की तारीख की जानकारी प्राप्त कर उपार्जन केंद्रों में पहुंच रहे हैं।
इससे न सिर्फ पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि किसानों के समय की भी बचत हो रही है। उपार्जन केंद्रों में सुरक्षा व्यवस्था भी सख्त की गई है। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही है ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या अनियमितता न हो। केंद्रों में किसानों के विवाद या शिकायतों के समाधान के लिए नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय है। किसानों ने भी जिले में धान खरीदी की व्यवस्थाओं को लेकर संतोष जताया है। उनका कहना है कि इस बार खरीदी केंद्रों में बिना किसी परेशानी के तुलाई प्रक्रिया पूरी की जा रही है और भुगतान भी निर्धारित समय सीमा के भीतर मिलने की उम्मीद है। जिला प्रशासन ने कहा कि खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। सभी उपार्जन केंद्रों में अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं और समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। दुर्ग जिले में इस वर्ष अब तक हुए खरीदी के आंकड़े दर्शाते हैं कि सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और किसान हितैषी नीतियों का सकारात्मक असर मैदान में दिखाई दे रहा है। आगामी दिनों में खरीदी की रफ्तार और बढ़ेगी, क्योंकि अधिकतर किसान अब अपने धान को बेचने के लिए तैयार हो चुके हैं।