ऑपरेशन अंकुश: महिला स्व सहायता समूह से धोखाधड़ी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार
छग
Jashpur. जशपुर। जिले में महिलाओं के साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी के मामले में जशपुर पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन फरार आरोपियों को अंबिकापुर से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। यह मामला बगीचा थाना क्षेत्र का है, जहां एक फर्जी कर्ज योजना के जरिये महिला स्व सहायता समूह की लाखों की राशि हड़प ली गई थी। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित महिलाओं को बड़ी राहत मिली है।
धोखाधड़ी का तरीका
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2020 में ग्राम विमड़ा की महिला स्व सहायता समूह की महिलाओं को आरोपी राजेश कुमार गुप्ता ने भारत फाइनेंस कंपनी से कर्ज दिलाने का झांसा दिया था। उसने महिलाओं से कहा कि कर्ज की किस्तें वह खुद भर देगा और प्रत्येक सदस्य को अतिरिक्त 5-5 हजार रुपए भी देगा। महिलाओं ने आरोपियों की बातों पर भरोसा करते हुए कंपनी से कुल 3,80,500 रुपए का कर्ज निकलवाया।
नोटिस आने पर खुला मामला
शुरुआत में आरोपियों ने कुछ किस्तें जमा कराईं, जिससे महिलाओं को भरोसा हो गया। लेकिन बाद में आरोपियों ने किस्तों का भुगतान बंद कर दिया। इसके चलते भारत फाइनेंस कंपनी की ओर से नोटिस भेजे जाने लगे। तब जाकर महिलाओं को पता चला कि उनके साथ बड़ी धोखाधड़ी हुई है। पीड़ित महिलाओं ने कलेक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जांच में आरोपियों द्वारा धोखाधड़ी की पुष्टि हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। धारा 420 (धोखाधड़ी) और धारा 34 (सामूहिक रूप से अपराध करना) के तहत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।
तीन आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने अंबिकापुर में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में राजेश कुमार गुप्ता (27 वर्ष), अयोध्या प्रसाद गुप्ता (57 वर्ष) और गीता देवी (50 वर्ष) शामिल हैं। तीनों आरोपी ग्राम दरिमा, जिला सरगुजा के निवासी हैं। पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पहले आरोपी जगत नायक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं एक अन्य आरोपी लोकेश नायक अभी फरार है। SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस की विशेष टीम लगातार प्रयासरत है।
महिलाओं में चिंता और प्रशासन की पहल
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला स्व सहायता समूह जैसे मंचों पर भरोसा कर आर्थिक लेनदेन करना आम बात है। लेकिन धोखाधड़ी जैसी घटनाएँ विश्वास को चोट पहुँचाती हैं। प्रशासन ने पीड़ितों की शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई कर भरोसा बहाल करने का प्रयास किया है। ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक योजनाओं और कर्ज से संबंधित नियमों की जानकारी देना आवश्यक है ताकि ऐसे फर्जीवाड़ों से बचा जा सके। साथ ही, किसी भी आर्थिक प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले उचित जांच और सतर्कता बरतना जरूरी है। प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे बिना जानकारी और दस्तावेजों की जांच किए किसी योजना में निवेश न करें।
पुलिस की प्रतिबद्धता
SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस महिलाओं के साथ हो रहे आर्थिक अपराधों को गंभीरता से ले रही है। ऑपरेशन अंकुश के तहत सभी आरोपियों को पकड़कर न्याय दिलाया जाएगा। साथ ही पुलिस लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके। यह मामला न केवल कानून व्यवस्था की सफलता है बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और जागरूकता की दिशा में प्रशासन की जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। पुलिस की तत्परता से पीड़ितों को न्याय मिलने की उम्मीद है।