OMG! अचानक दिखी चार टांगों वाली मुर्गी, देखने के लिए भीड़ उमड़ी
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Jashpur. जशपुर। कहावत तो आपने सुनी होगी- “मेरी मुर्गी की तीन टांग”, लेकिन छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में यह कहावत अब हकीकत बन गई है। यहां बगीचा निवासी पंकज सिंह, जो मुर्गा व्यवसाय से जुड़े हैं, के पास ऐसी मुर्गी मिली है जिसके चार पैर हैं। यह अनोखी मुर्गी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। पंकज सिंह की दुकान में इस चार टांगों वाली मुर्गी को देखने लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हर कोई इस अद्भुत जीव को अपनी आंखों से देखने और कैमरे में कैद करने के लिए उत्साहित है। दूर-दूर के गांवों से लोग सिर्फ इस दुर्लभ मुर्गी को देखने बगीचा कस्बे पहुंच रहे हैं।
मुर्गा व्यापारी पंकज सिंह ने बताया कि यह मुर्गी उन्हें करीब पांच दिन पहले उनके रेगुलर सप्लायर के माध्यम से मिली थी। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद मुर्गी के शरीर में कोई चोट या सूजन है, लेकिन नजदीक से देखने पर उन्होंने पाया कि इसके दो नहीं, बल्कि चार पैर हैं। यह देखकर वह भी चौंक गए। उन्होंने कहा, “अब तक तो यह कहावत ही सुनते आए थे कि ‘मेरी मुर्गी की तीन टांग’, लेकिन अब तो मेरे पास चार टांगों वाली मुर्गी है। यह मेरे लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।” इस अनोखी मुर्गी की वजह से पंकज सिंह की दुकान पर लोगों की भीड़ लगने लगी है। वह बताते हैं कि “जब से यह मुर्गी मेरे पास आई है, मेरे दुकान की सेल भी बढ़ गई है। लोग मुर्गा खरीदने के साथ-साथ इस चार टांगों वाली मुर्गी की तस्वीर और वीडियो भी ले जा रहे हैं। मैंने इसे बेचने का कोई इरादा नहीं किया है, क्योंकि यह मेरे लिए सौभाग्य का प्रतीक बन गई है।”
स्थानीय लोगों में इस मुर्गी को लेकर तरह-तरह की बातें चल रही हैं। कोई इसे प्रकृति का करिश्मा बता रहा है तो कोई इसे जीन संबंधी विकार (Genetic Mutation) मान रहा है। पशु चिकित्सकों के अनुसार, यह घटना "पॉलीमेलिया" (Polymelia) नामक एक दुर्लभ जैविक स्थिति के कारण होती है, जिसमें किसी जीव के शरीर के अतिरिक्त अंग विकसित हो जाते हैं। यह स्थिति आमतौर पर भ्रूण अवस्था में किसी विकासात्मक गड़बड़ी के कारण उत्पन्न होती है। हालांकि, वैज्ञानिक दृष्टि से यह एक असामान्य लेकिन संभव घटना है, परंतु ग्रामीणों के बीच यह मुर्गी शुभ संकेत और अद्भुत प्राकृतिक घटना के रूप में देखी जा रही है। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग — सभी वर्ग के लोग इसे देखने उमड़ रहे हैं। दुकानदार ने कहा कि “यह मुर्गी बिलकुल सामान्य तरीके से चलती-फिरती और खाती है, बस इसके शरीर के पिछले हिस्से में दो अतिरिक्त पैर हैं जो चलने में बाधा नहीं डालते। यह बाकी मुर्गियों की तरह ही व्यवहार करती है।”
इस खबर के फैलते ही सोशल मीडिया पर भी “चार टांगों वाली मुर्गी” की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। लोग इसे ‘प्राकृतिक चमत्कार’ कहकर शेयर कर रहे हैं। वहीं कुछ लोग इसे विज्ञान और प्रकृति की अनोखी लीला बताते हुए हैरानी जता रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग ने भी इस अनोखी घटना की जानकारी ली है और बताया कि अगर जरूरत पड़ी तो मेडिकल जांच के लिए इस मुर्गी का परीक्षण कराया जाएगा, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह वास्तव में किस कारण से विकसित हुई है। जशपुर जिले में यह घटना अब चर्चा का प्रमुख विषय बन गई है। बाजारों, सोशल मीडिया और चाय की दुकानों तक में “चार टांगों वाली मुर्गी” की बात छाई हुई है। लोगों का कहना है कि उन्होंने ऐसा नजारा जीवन में पहली बार देखा है।