पद्म पुरस्कार के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ, प्रस्ताव भेजने की अंतिम तिथि 15 जुलाई

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Update: 2026-06-04 17:13 GMT
Mahasamund. महासमुंद। भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उन गुमनाम नायकों की पहचान करना है, जिन्होंने विशेष रूप से दिव्यांगजन सशक्तिकरण एवं कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह ने जानकारी दी कि राज्य के सुदूर वनांचलों, ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी इलाकों में ऐसे कई व्यक्ति कार्य कर रहे हैं, जिनका योगदान समाज में महत्वपूर्ण होने के बावजूद सामने नहीं आ पाया है। पद्म पुरस्कारों के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने की पहल की जा रही है।
उन्होंने बताया कि पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक व्यक्ति या संस्थान अपने नामांकन भारत सरकार के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल https://awards.gov.in पर ही भेज सकते हैं। किसी भी प्रकार के ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। समाज कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि नामांकन के साथ जिला कलेक्टर के माध्यम से अनुशंसा अनिवार्य होगी। योग्य एवं पात्र व्यक्तियों के स्पष्ट प्रस्ताव तैयार कर भारत सरकार को भेजे जाएंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता सुनिश्चित करना और वास्तविक योगदान देने वाले व्यक्तियों को उचित सम्मान प्रदान करना है।
सरकारी जानकारी के अनुसार नामांकन भेजने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इस तिथि के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा। विभाग ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में योग्य व्यक्तियों की पहचान कर समय पर प्रस्ताव तैयार करें। पद्म पुरस्कार देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान में से एक हैं, जो कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, सामाजिक कार्य, विज्ञान, इंजीनियरिंग, सार्वजनिक मामलों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं। सरकार का उद्देश्य इस बार विशेष रूप से समाज के उन वर्गों तक पहुंच बनाना है, जिनका योगदान अब तक मुख्यधारा में उजागर नहीं हो सका है।
समाज कल्याण विभाग ने यह भी कहा है कि दिव्यांगजन सशक्तिकरण और कल्याण के क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे व्यक्ति जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के समाज सेवा की है और जिनके कार्यों से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है, उन्हें इस सम्मान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाएं ताकि अधिक से अधिक योग्य व्यक्तियों के नामांकन प्राप्त हो सकें। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी योग्य व्यक्ति का नामांकन तकनीकी या जानकारी के अभाव में छूट न जाए। सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे व्यक्तियों की पहचान करें जो समाज में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं और उनके नाम पद्म पुरस्कार के लिए प्रस्तावित करें। इससे देश के वास्तविक नायकों को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिल सकेगा।
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