NIT रायपुर की टीम ने दुर्ग जिले में मनरेगा और PM आवास निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण
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Durg. दुर्ग। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर की टीम ने आज दुर्ग जिले में महात्मा गांधी नरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत चल रहे विकास और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण दल का नेतृत्व सहायक प्राध्यापक (नोडल ऑफिसर) डॉ. विकास कुमार एवं सहायक प्रोफेसर डॉ. चन्दन सिंह ने किया। निरीक्षण का उद्देश्य जिला पंचायत दुर्ग के विभिन्न विकास कार्यों की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और कार्य प्रगति का आकलन करना था। निरीक्षण दल ने चेक डैम, डबरी निर्माण, वृक्षारोपण और अमृत सरोवर सहित विभिन्न स्थलों का दौरा किया।
चेक डैम निर्माण और जीर्णोद्धार
थनौद ग्राम में नवीन चेक डैम निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। टीम ने मिट्टी के कार्य की गुणवत्ता, जल धारण क्षमता और तकनीकी मानकों का मूल्यांकन किया। इसके साथ ही थनौद में पूर्व निर्मित चेक डैम की जीर्णोद्धार प्रक्रिया का भी अवलोकन किया गया। इसमें संरचना की मजबूती, जल संरक्षण क्षमता और सुधार की गई तकनीकी विशेषताओं की समीक्षा की गई।
वृक्षारोपण कार्य
अंजोरा (ख) में पौधारोपण कार्य की समीक्षा की गई। टीम ने पौधों की संख्या, जीवितता प्रतिशत और संरक्षण उपायों का परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि पौधारोपण के दौरान तकनीकी मानकों का पालन किया गया है और संरक्षण के लिए पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं।
गौठान में डबरी निर्माण
अंजोरा (ख) में जल संचयन हेतु डबरी निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया। टीम ने डबरी के आकार, सफाई, तकनीकी मानकों और कार्य की उपयोगिता की जांच की। निरीक्षण के दौरान डबरी निर्माण में गुणवत्ता और जल संचयन क्षमता को ध्यान में रखते हुए सुझाव दिए गए।
अमृत सरोवर निरीक्षण
थनौद में स्थित अमृत सरोवर का निरीक्षण भी किया गया। टीम ने सरोवर की गहराई, तट सुदृढ़ीकरण, जलभराव और सौंदर्यीकरण कार्य की गुणवत्ता का परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कार्यों की प्रगति, तकनीकी पहलुओं और क्षेत्रीय आवश्यकताओं को समझते हुए टीम ने सुधारात्मक सुझाव दिए। डॉ. विकास कुमार और डॉ. चन्दन सिंह ने कहा कि इस तरह के निरीक्षण से परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित होती है और स्थानीय लोगों की आवश्यकताओं के अनुसार कार्यों में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली की सराहना की और कहा कि तकनीकी दृष्टि से कार्यों में सुधार के लिए निरंतर निगरानी आवश्यक है। जिला पंचायत दुर्ग द्वारा निरीक्षण दल को सभी स्थलों की विस्तृत जानकारी और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। इस निरीक्षण का उद्देश्य न केवल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करना था, बल्कि स्थानीय आवश्यकताओं और पर्यावरणीय स्थिरता को भी सुनिश्चित करना था।