Surajpur. सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने अपने ही मामा को न केवल बंधक बनाया, बल्कि बेरहमी से पिटाई कर दी। यह पूरी घटना मोबाइल कैमरे में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो गया। घटना के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच शुरू कर दी है।
वीडियो में दिखा बर्बरता का दृश्य
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी युवक अपने अधेड़ मामा को आंगन में दौड़ाकर मारता है। इसके बाद उसे बिस्तर पर बंधक बनाकर हाथ-पांव बांध देता है और जमीन व पलंग पर पटक-पटककर बेरहमी से पीटता है। वीडियो में आरोपी गाली-गलौज भी करता दिख रहा है। यह दृश्य देखकर लोग हैरान रह गए और पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
लड़की के विवाद से उपजा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी युवक सूरजपुर जिले के दनौली गांव का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह किसी लड़की को लेकर अपने मामा के घर बतरा गांव पहुंचा था। मामा ने उसके इस कृत्य का विरोध किया और उसे समझाने की कोशिश की। लेकिन भांजे को यह बात नागवार गुज़री। बताया जाता है कि मामा की बात सुनने के बजाय वह भड़क गया और अगले ही दिन अपने दो साथियों को लेकर मामा के घर पहुंचा। वहां उसने मामा को पकड़ लिया और बंधक बनाकर मारपीट शुरू कर दी।
ग्रामीणों में आक्रोश
इस घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस तरह से भांजे ने अपने मामा को बंधक बनाकर पिटाई की, वह निंदनीय है। रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाले इस वीडियो को देखकर लोग भौचक्के हैं। कई ग्रामीणों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में कोई और ऐसा कदम उठाने की हिम्मत न कर सके।
पुलिस जांच में जुटी
घटना करंजी चौकी क्षेत्र की बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो की तकनीकी जांच भी की जा रही है, ताकि घटना की समय-सीमा और वास्तविकता को पुख्ता किया जा सके। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती अनबन और तनाव किस हद तक हिंसक रूप ले सकता है। समाजशास्त्रियों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में फैलते असहिष्णु व्यवहार और गुस्से की संस्कृति का प्रतीक हैं। खासकर युवा वर्ग में छोटे-छोटे विवादों पर हिंसक कदम उठाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो बेहद चिंताजनक है।