चाइनीज मांझा पर निगम की कार्रवाई, 165 नग जब्त, दुकानदारों को चेतावनी

छग

Update: 2026-01-16 14:57 GMT
Raipur. रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र में प्रतिबंधित चाइनीज मांझा के उपयोग और बिक्री पर सख्त कार्रवाई जारी है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह और नगर पालिक निगम आयुक्त विश्वदीप साहू के निर्देशानुसार निगम क्षेत्र में पतंग दुकानों का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय की टीम ने मोती पतंग भंडार, बूढ़ापारा और संजय पतंग भंडार, सत्ती बाजार का दौरा किया। निरीक्षण के दौरान मोती पतंग भंडार से 110 नग और संजय पतंग भंडार से 55 नग प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बरामद किया गया। कुल मिलाकर 165 नग चाइनीज मांझा को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चाइनीज मांझा कई बार पतंगबाज़ों और राहगीरों के लिए गंभीर चोट का कारण बनता है। इसके साथ ही पक्षियों और अन्य जीव-जंतुओं के लिए भी यह घातक साबित होता है। जांच में शामिल अधिकारियों ने दुकानदारों को भविष्य में किसी भी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी। यह कार्रवाई निगम, पुलिस और राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल की संयुक्त पहल का हिस्सा है।

कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने बताया कि नगर पालिक निगम क्षेत्र में इस प्रकार के औचक निरीक्षण और जागरूकता अभियान नियमित रूप से किए जाएंगे ताकि सुरक्षित और जिम्मेदार पतंग उड़ाने की संस्कृति को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि नागरिकों को भी सहयोग करना चाहिए और प्रतिबंधित सामग्री की बिक्री या उपयोग की सूचना तुरंत अधिकारियों को देनी चाहिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह ने कहा कि सुरक्षा प्राथमिकता है और प्रतिबंधित चाइनीज मांझा के कारण चोट और दुर्घटनाएं आम हो चुकी हैं। इस पर कड़ी नजर रखी जाएगी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नगर पालिक निगम आयुक्त विश्वदीप साहू ने बताया कि आगामी उत्तरायण उत्सव के दौरान भी विशेष अभियान चलाया जाएगा ताकि नागरिक सुरक्षित रूप से पतंगबाजी का आनंद ले सकें। इसके अलावा दुकानदारों और जनता में चेतना बढ़ाने के लिए पोस्टर और सूचना पम्पलेट भी वितरित किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के निर्देशानुसार सभी बरामद सामग्री को आवश्यक प्रमाणन और रद्दीकरण के बाद सुरक्षित निपटान के लिए भेजा जाएगा। इस तरह की कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि राज्य प्रशासन, निगम और पुलिस प्रतिबंधित और खतरनाक वस्तुओं के प्रसार के खिलाफ पूरी तरह से सख्त रुख अपनाए हुए हैं।
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