Bilaspur. बिलासपुर। कोनी पुलिस और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने मोपका बायपास क्षेत्र में हुई लूट की वारदात का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की है। घटना का खुलासा होने के बाद इलाके में पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है। पुलिस के अनुसार, कबीरधाम जिले के ग्राम कामनबोड़ निवासी हरमेन्द्र साहू ने 28 मई को थाना कोनी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि वे बिलासपुर क्षेत्र में हार्वेस्टर मशीन चलाने का कार्य करने आए थे। 27 मई की रात मशीन खराब होने पर वे ग्राम रमतला के खेत में उसकी मरम्मत कर रहे थे। देर रात भोजन लेने के लिए वे मोटरसाइकिल से ढाबे की ओर जा रहे थे, तभी मोपका बायपास मोड़ के पास ग्राम सेंदरी क्षेत्र में चार युवकों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। पीड़ित के नहीं रुकने पर आरोपियों ने लात मारकर उन्हें मोटरसाइकिल सहित गिरा दिया और बेल्ट व हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए उनकी जेब से 10 हजार रुपये नकद और लगभग 10 हजार रुपये कीमत का पोको ब्रांड मोबाइल लूट लिया और मौके से फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक गगन कुमार के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। इस दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर सूचना और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का विश्लेषण किया गया। लगातार जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने घूमने-फिरने और अपने शौक पूरे करने के लिए लूट की वारदात को अंजाम दिया था।
गिरफ्तार आरोपियों में ग्राम मुढ़ी निवासी अनिकेत पटेल (19 वर्ष), जयप्रकाश पटेल (19 वर्ष), जयप्रकाश यादव (19 वर्ष) तथा एक 16 वर्षीय विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट की राशि में से 1,800 रुपये नकद और लूटा गया मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस ने सभी वयस्क आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। वहीं नाबालिग के विरुद्ध किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की आपराधिक घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाने के लिए लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई जा रही है। साथ ही सीसीटीवी नेटवर्क और तकनीकी जांच के माध्यम से अपराधियों पर नजर रखी जा रही है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। इस मामले के खुलासे को पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसमें आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई की अहम भूमिका रही।