कारखानों में बढ़ती दुर्घटनाओं पर मो. सिद्दीक ने श्रम आयुक्त से की सख्त कार्रवाई की मांग

छग

Update: 2026-02-13 17:22 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार हो रहे हादसों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मो. सिद्दीक ने छत्तीसगढ़ राज्य श्रम आयुक्त, मंत्रालय नवा रायपुर को ज्ञापन सौंपकर गहरा विरोध दर्ज कराया। ज्ञापन में मो. सिद्दीक ने श्रमिकों की बढ़ती मौतों पर अंकुश लगाने और दोषी प्रबंधन के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में हाल ही में रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे का विशेष उल्लेख किया गया है। इस हादसे में तीन पुरुष श्रमिकों सहित नौ माह की मासूम बच्ची की मौत हुई।

मो. सिद्दीक ने आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन मृतकों के परिजनों पर बयान बदलने का दबाव बना रहा है और घायल महिला श्रमिक (जो 60 प्रतिशत जल चुकी हैं) की बच्ची के फैक्ट्री में मौजूद होने को प्रबंधन ‘टिफिन छोड़ने’ की कहानी बनाने का प्रयास कर रहा है। ज्ञापन में अन्य हादसों का भी जिक्र किया गया है। इसमें बलौदा बाजार के बकुलाही स्पंज आयरन प्लांट में छह मौतें, रायपुर की गोदावरी इस्पात में छह मौतें और शारदा एनर्जी में हुई दुर्घटनाओं का विवरण शामिल किया गया है। मो. सिद्दीक ने कहा कि औद्योगिक विकास की कीमत किसी श्रमिक की जान पर नहीं हो सकती और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
कठोर निर्देश: सभी कारखानों में सुरक्षा उपकरणों (Safety Gear) की समुचित व्यवस्था अनिवार्य की जाए।
कारखाना बंदी की चेतावनी: सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों को तत्काल बंद करने का आदेश जारी किया जाए।
लेबर सेफ्टी विंग की जवाबदेही: सेफ्टी विंग के अधिकारी नियमित अंतराल पर कारखानों की औचक जांच करें।
दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई: कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले लेबर सेफ्टी विभाग के कर्मचारियों को तत्काल पदमुक्त किया जाए।

मो. सिद्दीक ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि श्रम विभाग और राज्य सरकार इस दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो भविष्य में निर्दोष श्रमिकों की जान का नुकसान बढ़ सकता है और इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “श्रमिकों की जान की कीमत पर औद्योगिक विकास स्वीकार्य नहीं है। सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को देखते हुए तत्काल कार्रवाई जरूरी है।” ज्ञापन सौंपने के मौके पर प्रदेश कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल, असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव राजेश त्रिवेदी, शरद गुप्ता और प्रद्युम्न शर्मा समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने मो. सिद्दीक की मांगों का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से शीघ्र कार्रवाई की अपील की।

मो. सिद्दीक ने कहा कि औद्योगिक सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेने वाले प्रबंधन और अधिकारियों के खिलाफ कठोर और सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि यदि उचित कार्रवाई नहीं की गई तो औद्योगिक क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने राज्य प्रशासन से आग्रह किया कि श्रमिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी कारखानों में आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया जाए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मजदूरों के जीवन और स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और दोषी प्रबंधन व अधिकारियों को कड़ी सजा देकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जाना चाहिए। मो. सिद्दीक और उनके साथियों ने चेताया कि अगर जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज़ किया जाएगा।
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