मनरेगा से किसान को मिला स्थायी जल स्रोत, बढ़ेगी सिंचाई सुविधा, आय में होगा सुधार
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Raigarh. रायगढ़। जिले के जनपद पंचायत रायगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत तरेकेला में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत करुणानिधि नामक किसान की जिंदगी में एक सकारात्मक बदलाव आया है। लगभग 1.96 लाख रुपये की लागत से बनाए गए डबरी निर्माण ने किसान को आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान किया है। पहले करुणानिधि पूरी तरह वर्षा पर आधारित खेती पर निर्भर थे, जिससे फसल उत्पादन सीमित और आय कम रहती थी। वर्षा की अनियमितता के कारण उनकी खेती में लगातार चुनौतियाँ उत्पन्न होती थीं। लेकिन डबरी निर्माण के बाद खेत में वर्षा जल का संचयन संभव हुआ है। इससे समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो रही है और फसल उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ किसान की आय में सुधार की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
मनरेगा के तहत किए गए इस निर्माण कार्य से करुणानिधि को स्थायी जल स्रोत प्राप्त हुआ है, जो उन्हें वर्ष भर खेत की सिंचाई में सहायक साबित हो रहा है। इस परियोजना ने लगभग 650 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित किया। इससे स्थानीय ग्रामीण श्रमिकों को अपने ही गांव में काम मिला और उनकी आर्थिक गतिविधियाँ बढ़ीं। ग्राम पंचायत, तकनीकी अमले और हितग्राही के समन्वय से डबरी निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया गया। निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया और निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यह सुनिश्चित किया गया कि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप और टिकाऊ हो, जिससे दीर्घकालिक लाभ प्राप्त हो सके। डबरी का निर्माण केवल करुणानिधि के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गया है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि मनरेगा के मूलक कार्य न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन में बल्कि स्थायी कृषि संसाधनों की उपलब्धता में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। किसान करुणानिधि ने कहा कि अब उनकी खेती अधिक व्यवस्थित और लाभकारी हो गई है। पहले फसल का उत्पादन वर्षा पर निर्भर था, लेकिन अब सिंचाई सुविधा और जल संरक्षण के कारण फसल की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार हुआ है। उन्होंने ग्रामीण रोजगार और आय सृजन के लिए मनरेगा की योजनाओं की प्रशंसा की। यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डबरी निर्माण ने यह सिद्ध किया कि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन और स्थानीय सहयोग से किसानों की जीवनशैली और आय में वास्तविक सुधार संभव है। मनरेगा के तहत हितग्राही कार्यों से यह स्पष्ट होता है कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थायी विकास और आर्थिक सशक्तिकरण दोनों को साथ लेकर चलना संभव है। करुणानिधि की कहानी पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरक उदाहरण बन गई है।