नाबालिग का अपहरण और जंगल में दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
छग
Jashpur. जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक नाबालिग बालिका का अपहरण कर जंगल में दो दिनों तक दुष्कर्म करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला पंडरापाठ थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। आरोपी की पहचान मनदीप राम (उम्र 21 वर्ष) के रूप में हुई है।
कैसे हुआ अपहरण
मामला 10 अगस्त का है। चौकी पंडरापाठ क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले प्रार्थी ने पुलिस को रिपोर्ट दी कि गांव का ही 21 वर्षीय युवक मनदीप राम उसकी 13 वर्षीय बेटी का अपहरण कर जबरन अपने साथ ले गया। परिजनों ने बेटी की तलाश की, लेकिन वह कहीं नहीं मिली। दो दिनों तक परिजनों की बेचैनी बढ़ती रही। आखिरकार 12 अगस्त को नाबालिग बालिका गांव के पास जंगल में अकेली मिली।
पीड़िता का बयान
पीड़िता ने परिजनों और पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे जबरन जंगल में ले जाकर दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। बालिका की आपबीती सुनकर परिजन आक्रोशित हो उठे। उन्होंने तुरंत पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
प्रार्थी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2), 64(2), 65(1) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5,6 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया। नाबालिग का मेडिकल परीक्षण कर उसका इलाज कराया गया। जांच के दौरान पुलिस ने घेराबंदी करते हुए आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
पुलिस टीम की भूमिका
आरोपी को पकड़ने और मामले की जांच में चौकी प्रभारी पंडरापाठ उप निरीक्षक सतीश सोनवानी, प्रधान आरक्षक राजेश कुजूर, आरक्षक अरुण राम और दिनेश्वर भगत की अहम भूमिका रही। उनकी सतर्कता और तत्परता से ही आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सका।
पुलिस की संवेदनशीलता
इस मामले पर एएसपी जशपुर अनिल कुमार सोनी ने कहा कि जशपुर पुलिस महिलाओं और नाबालिगों से संबंधित अपराधों के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। पंडरापाठ क्षेत्र की इस घटना में भी आरोपी को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया और अब वह जेल में है। उन्होंने कहा कि समाज को इस तरह की घटनाओं के प्रति सजग रहने की जरूरत है और पुलिस हर स्थिति में पीड़ितों की सुरक्षा व न्याय सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है।
गांव में आक्रोश
इस घटना ने पूरे गांव और इलाके को हिलाकर रख दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं से समाज की आत्मा कांप जाती है। लोग मांग कर रहे हैं कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत न जुटा सके। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा परिवार और समाज की संयुक्त जिम्मेदारी है। नाबालिग के साथ हुए इस जघन्य अपराध में पुलिस ने पॉक्सो (Protection of Children from Sexual Offences Act) की धाराएं लगाई हैं। यह कानून बच्चों को यौन शोषण, उत्पीड़न और शोषण से बचाने के लिए बनाया गया है। इसके तहत आरोपी को कठोर दंड का प्रावधान है।