Mungeli. मुंगेली। छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला मुंगेली में प्रशासनिक दृष्टिकोण से बड़े पैमाने पर तबादले किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक मुंगेली द्वारा जारी आदेश में निरीक्षकों से लेकर प्रधान आरक्षकों तक कुल 13 अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके वर्तमान पदों से हटाकर नए पदों पर पदस्थ किया गया है।
स्थानांतरण का उद्देश्य
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन तबादलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना तथा
पुलिसिंग
व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखना है। इससे विभिन्न थानों और चौकियों में कार्यों का बेहतर वितरण और जिम्मेदारियों का संतुलन स्थापित हो सकेगा।


 



तबादले की सूची
निरीक्षक कार्तिकेश्वर जागड़े – थाना प्रभारी फर्स्टपुर से स्थानांतरित होकर थाना प्रभारी सिटी कोतवाली मुंगेली बने।
निरीक्षक सुमित चंद्र – थाना प्रभारी पथरिया से हटाकर थाना प्रभारी सिलगी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
निरीक्षक प्रदीप राठौर – रक्षित केंद्र मुंगेली से थाना प्रभारी पथरिया बनाए गए।
उप निरीक्षक मृदुल शंकर यादव – थाना प्रभारी सिटी कोत मुंगेली से हटाकर थाना प्रभारी फर्स्टपुर की जिम्मेदारी दी गई।
उप निरीक्षक हरीश साहू – थाना प्रभारी सिलगी से स्थानांतरित होकर थाना लोरमी भेजे गए।
उप निरीक्षक सरदेश पुरी गोस्वामी – थाना लोरमी से हटाकर थाना सिटी कोतवाली मुंगेली में पदस्थ किए गए।
उप निरीक्षक सतेश कश्यप – चौकी प्रभारी साकेत से प्रभारी डायल 112 नियुक्त।
साजिन रोशन टंडन – थाना सिटी कोत मुंगेली से चौकी प्रभारी साकेत बनाए गए।
साजिन धर्मेन्द्र शर्मा – थाना लोरमी से हटाकर थाना जहागांव भेजे गए (संशोधित आदेश)।
साजिन राजाराम साहू – रक्षित केंद्र मुंगेली से प्रभारी पुलिस नियंत्रण कक्ष मुंगेली की जिम्मेदारी दी गई।
प्र.आर. 39 महेश राज – थाना जरहागांव से स्थानांतरित होकर चौकी खुडिया भेजे गए।
प्र.आर. 243 अरुण कुमार नेताम – चौकी खुडिया से हटाकर थाना पथरिया में पदस्थ।
प्र.आर. 357 विनोद नाथ योगी – थाना पथरिया से हटाकर थाना सरगांव भेजे गए।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से अहम बदलाव
मुंगेली जिले में हुए इन स्थानांतरणों से पुलिस प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की उम्मीद की जा रही है। खासकर सिटी कोतवाली, पथरिया, सिलगी और लोरमी जैसे प्रमुख थानों में नए अधिकारियों की तैनाती से कानून व्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। नगरवासियों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि नए तबादले से पुलिस की कार्यप्रणाली में तेजी आएगी और थानों में लंबित प्रकरणों के निराकरण में भी तेजी देखने को मिलेगी। वहीं, पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पूरी तरह से प्रशासनिक संतुलन और बेहतर प्रबंधन के लिए उठाया गया है।
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