Ambikapur. अंबिकापुर। सरगुजा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैनपाट स्थित टाइगर प्वाइंट पर शुक्रवार देर रात भीषण आग लगने से कई अस्थायी गुमटियां जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। आगजनी की इस घटना ने स्थानीय ग्रामीण दुकानदारों की आजीविका पर गहरा आघात पहुंचाया है। घटना कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, टाइगर प्वाइंट पर घास, लकड़ी और टीन से बनी गुमटियों में ग्रामीण परिवार चाय-नाश्ता, भोजन तथा स्मृति चिन्हों की बिक्री कर अपना रोज़गार चलाते थे। शुक्रवार रात लगभग 11 बजे स्थानीय लोगों ने गुमटियों की कतार से आग की तेज लपटें उठती देखीं।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल दुकानदारों और आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही गुमटी संचालक और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। हालांकि, गुमटियों में प्रयुक्त ज्वलनशील सामग्री जैसे सूखी घास, लकड़ी और प्लास्टिक के कारण आग तेज़ी से फैलती चली गई। आग ने कुछ ही देर में कतार में बनी अधिकांश गुमटियों को अपनी चपेट में ले लिया। स्थिति ऐसी हो गई कि आग पर काबू पाना मुश्किल हो गया और देखते ही देखते कई दुकानें जलकर राख में तब्दील हो गईं।
इस हादसे में स्थानीय दुकानदारों की अस्थायी दुकानें, कुर्सियां, टेबल, गैस सिलेंडर, खाद्य सामग्री और अन्य व्यापारिक सामान जलकर नष्ट हो गए। आगजनी से शिवकुमार यादव, राजेश यादव, अनिल यादव, संजू यादव, कैलाश यादव सहित कई ग्रामीण दुकानदारों को गंभीर आर्थिक क्षति हुई है। पीड़ितों ने बताया कि उनकी पूरी आजीविका इन्हीं गुमटियों पर निर्भर थी और अब व्यवसाय को दोबारा खड़ा करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है। शनिवार को घटना के अगले दिन भी टाइगर प्वाइंट का दृश्य हृदयविदारक रहा। ग्रामीण दुकानदार जली हुई दुकानों के मलबे में से बचे-खुचे सामान और उपयोगी वस्तुओं की तलाश करते नजर आए।
कई परिवारों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भी घटना को लेकर चिंता और दुख का माहौल है। आग लगने के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। कुछ लोगों द्वारा शरारती तत्वों की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है, वहीं यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि ठंड से बचाव के लिए जलाए गए अलाव को ठीक से नहीं बुझाने के कारण आग भड़क गई हो। पुलिस और संबंधित विभागों द्वारा मामले की जांच की जा रही है, ताकि आगजनी के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।