रेलवे ट्रैक पर रील बनाना पड़ा भारी वीडियो वायरल, युवक को पुणे से पकड़ा गया
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Rajnandgaon. राजनांदगांव। सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे बैठकर वीडियो बनाना एक युवक को भारी पड़ गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद आरपीएफ राजनांदगांव ने मामले की जांच शुरू की। अलग-अलग शहरों के रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद युवक की पहचान की गई। इसके बाद उसकी लोकेशन पुणे में मिलने पर आरपीएफ की टीम ने वहां पहुंचकर उसे पकड़ लिया। युवक को राजनांदगांव लाकर विधिवत गिरफ्तार किया गया और न्यायालय में पेश करने के बाद केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। जानकारी के मुताबिक, 18 अगस्त 2026 को आरपीएफ थाना राजनांदगांव को सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो की जानकारी मिली थी। वीडियो में एक युवक रेलवे ट्रैक के समीप बैठकर वीडियो बनाता दिखाई दे रहा था। रेलवे क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए आरपीएफ ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
वायरल वीडियो से शुरू हुई तलाश
मामले की जांच आरपीएफ निरीक्षक तरुणा साहू के नेतृत्व में शुरू की गई। आरपीएफ टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती वीडियो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान करना था। इसके लिए वायरल वीडियो से जुड़ी जानकारी जुटाने के साथ ही तकनीकी स्तर पर भी जांच आगे बढ़ाई गई। आरपीएफ की टीम ने युवक की पहचान और उसकी आवाजाही का पता लगाने के लिए कई रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच का दायरा राजनांदगांव तक सीमित नहीं रहा। टीम ने रायपुर, दुर्ग, गोंदिया, नागपुर और पुणे रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की।
महासमुंद के युवक के रूप में हुई पहचान
लगातार जांच और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के बाद आरपीएफ को युवक की पहचान करने में सफलता मिली। उसकी पहचान अजय प्रजापति (28) निवासी ग्राम जगोरा, थाना पिथौरा, जिला महासमुंद के रूप में हुई। पहचान होने के बाद आरपीएफ ने आरोपी की वर्तमान लोकेशन का पता लगाना शुरू किया। जांच में उसकी लोकेशन महाराष्ट्र के पुणे में मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद आरपीएफ टीम ने पुणे पहुंचकर कार्रवाई की और अजय प्रजापति को पकड़ लिया।
पुणे से लाया गया राजनांदगांव
आरपीएफ टीम आरोपी को पुणे से राजनांदगांव लेकर आई, जहां मामले में निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसे गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय से जेल वारंट जारी होने के बाद उसे केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। आरपीएफ की इस कार्रवाई में वायरल वीडियो के साथ अलग-अलग रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साबित हुए। कई शहरों तक जांच का दायरा बढ़ाते हुए टीम आखिरकार युवक तक पहुंच गई।
रील के लिए जोखिम न उठाने की अपील
इस कार्रवाई के बाद आरपीएफ ने आम लोगों और विशेष रूप से युवाओं से रेलवे ट्रैक के आसपास रील या वीडियो नहीं बनाने की अपील की है। आरपीएफ ने कहा है कि सोशल मीडिया पर लाइक, व्यूज या लोकप्रियता हासिल करने के लिए रेलवे ट्रैक, रेलवे यार्ड अथवा अन्य प्रतिबंधित रेलवे क्षेत्रों में प्रवेश करना बेहद खतरनाक हो सकता है। रेलवे ट्रैक पर किसी भी समय ट्रेन आ सकती है और थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। आरपीएफ ने लोगों से रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करने और अपनी जान जोखिम में डालकर वीडियो या रील नहीं बनाने की अपील की है। साथ ही अभिभावकों से भी युवाओं और बच्चों को ऐसी खतरनाक गतिविधियों से दूर रहने के लिए जागरूक करने को कहा गया है।