Rajnandgaon. राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले की बसंतपुर थाना पुलिस ने आधुनिक तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का उदाहरण पेश करते हुए 18 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिया। पुलिस द्वारा बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है। लंबे समय से अपने मोबाइल खो चुके लोगों के लिए यह पहल किसी राहत से कम नहीं रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई भारत सरकार के सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल की मदद से की गई। इस पोर्टल का उपयोग चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रैक करने और उनकी लोकेशन का पता लगाने के लिए किया जाता है।
बसंतपुर थाना पुलिस ने इसी तकनीक का इस्तेमाल कर गुम मोबाइलों की पहचान की और उन्हें बरामद करने में सफलता हासिल की। इस विशेष अभियान को पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में चलाया गया। अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन का भी मार्गदर्शन रहा। वहीं बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में पुलिस की तकनीकी टीम ने लगातार प्रयास करते हुए विभिन्न कंपनियों के कुल 18 मोबाइल फोन का पता लगाया। जांच के दौरान पुलिस ने CEIR पोर्टल में दर्ज शिकायतों और मोबाइल के आईएमईआई नंबरों के आधार पर उनकी ट्रैकिंग की। तकनीकी विश्लेषण और स्थानीय स्तर पर की गई।
जांच के बाद पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद मोबाइलों में कई प्रमुख कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल थे। रविवार, 31 मई को बसंतपुर थाना परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। इस दौरान थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने बताया कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका गुम हुआ मोबाइल कभी वापस मिल पाएगा। मोबाइल में उनके परिवार की तस्वीरें, महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंकिंग संबंधी जानकारी और जरूरी संपर्क नंबर सुरक्षित थे। ऐसे में फोन वापस मिलना उनके लिए बेहद राहत भरा अनुभव रहा। मोबाइल प्राप्त करने वाले लोगों ने राजनांदगांव पुलिस और बसंतपुर थाना टीम के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता के कारण उन्हें उनकी महत्वपूर्ण डिजिटल संपत्ति वापस मिल सकी। थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू ने इस अवसर पर आम लोगों से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका गलत उपयोग न करें। ऐसे मोबाइल को तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराना चाहिए ताकि उसे उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि गुम और चोरी हुए मोबाइलों की खोज के लिए CEIR पोर्टल एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। पुलिस विभाग भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान चलाकर लोगों की सहायता करता रहेगा और तकनीक के माध्यम से अपराधों पर नियंत्रण के प्रयास जारी रखेगा। राजनांदगांव पुलिस की यह पहल न केवल तकनीकी दक्षता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर आम नागरिकों की समस्याओं का प्रभावी समाधान किया जा सकता है। इस कार्रवाई से लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत हुआ है।