Balodabazar. बलौदाबाजार। नए साल 2026 के दूसरे दिन जिले की पुलिस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एसपी द्वारा जारी आदेश के तहत जिले में 11 निरीक्षकों के थाना प्रभार बदले गए हैं। इसके साथ ही एक उप निरीक्षक और दो सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) के प्रभार में भी परिवर्तन किया गया है। इस बदलाव को जिले की पुलिसिंग में कसावट लाने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जारी आदेश के अनुसार निरीक्षक रितेश मिश्रा को बलौदाबाजार थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं निरीक्षक धीरेंद्र दुबे को हथबंद थाना प्रभारी बनाया गया है। निरीक्षक लखेश केंवट को सिमगा थाना प्रभारी का दायित्व सौंपा गया है। इसी क्रम में निरीक्षक अमित पाटले को भाटापारा शहर थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा निरीक्षक हेमंत पटेल को भाटापारा ग्रामीण थाना प्रभारी बनाया गया है। निरीक्षक शशांक सिंह को सुहेला थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। निरीक्षक परिवेश तिवारी को पलारी थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि निरीक्षक प्रमोद सिंह को लवन थाना प्रभारी के रूप में पदस्थ किया गया है। निरीक्षक अजय झा को कसडोल थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है और निरीक्षक प्रवीण मिंज को गिधौरी थाना प्रभारी बनाया गया है।
एसपी भावना गुप्ता द्वारा किए गए इस फेरबदल को प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। पुलिस विभाग के अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर थाना प्रभारियों में परिवर्तन से न केवल कार्यकुशलता बढ़ती है, बल्कि नए विचारों और कार्यशैली के माध्यम से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। नए थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, महिला सुरक्षा और जनसंवाद को प्राथमिकता देंगे। सूत्रों के अनुसार, एसपी भावना गुप्ता ने सभी नवनियुक्त थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में सक्रिय पुलिसिंग सुनिश्चित करें, लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करें और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ फरियादियों की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनने के निर्देश भी दिए गए हैं। नए साल की शुरुआत में हुए इस प्रशासनिक बदलाव से जिले में पुलिस व्यवस्था और अधिक चुस्त-दुरुस्त होने की उम्मीद जताई जा रही है। आमजन को भी इससे बेहतर सुरक्षा और त्वरित पुलिस सेवा मिलने की संभावना है।