छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव, 16 जून से ऑनलाइन हाजिरी और लीव जरूरी

छग

Update: 2026-06-12 17:31 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के शिक्षा विभाग में अब उपस्थिति और अवकाश प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। लोक शिक्षण संचालनालय ने अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए ऑनलाइन उपस्थिति और ऑनलाइन अवकाश आवेदन व्यवस्था का सख्ती से पालन करने के निर्देश जारी किए हैं। नए आदेश के अनुसार 16 जून 2026 से डिजिटल उपस्थिति अनिवार्य होगी। निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं करने वालों का जून माह का वेतन रोका जा सकता है।
शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि शासकीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) द्वारा विकसित मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज करनी होगी। वहीं कार्यालयों में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) के जरिए हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि 16 जून से यदि किसी कर्मचारी की उपस्थिति निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज नहीं मिलती है तो उसकी उपस्थिति शून्य मानी जाएगी। ऐसी स्थिति में संबंधित कर्मचारी का जून माह का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। इसके लिए संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारी (डीडीओ) भी जिम्मेदार होंगे।
लोक शिक्षण संचालनालय ने अवकाश संबंधी प्रक्रिया को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने बताया कि अवकाश आवेदन और स्वीकृति के लिए एचआरएमआईएस (HRMIS) पोर्टल की व्यवस्था पहले से लागू है, लेकिन कई स्थानों पर अब भी कागजी आवेदन लिए जा रहे हैं। इसे देखते हुए अब ऑफलाइन अवकाश आवेदन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए गए हैं।
नए निर्देशों के तहत सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही किए जाएंगे और उनकी स्वीकृति भी डिजिटल प्रणाली के जरिए ही होगी। यदि कोई अधिकारी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करता है या मंजूरी देता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संचालनालय ने राज्य के सभी संयुक्त संचालकों, जिला शिक्षा अधिकारियों और डीडीओ को पत्र भेजकर निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग का मानना है कि इस व्यवस्था से उपस्थिति की निगरानी अधिक प्रभावी होगी और कर्मचारियों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित की जा सकेगी।
नई व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षा विभाग में पारदर्शिता बढ़ाना, कार्य संस्कृति में सुधार लाना और बिना सूचना अनुपस्थित रहने की प्रवृत्ति पर नियंत्रण करना है। विभागीय अधिकारियों को उम्मीद है कि डिजिटल सिस्टम लागू होने से प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही भी बढ़ेगी और रिकॉर्ड का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
Tags:    

Similar News