भानुप्रतापपुर में बड़ा हादसा टला, तेंदूपत्ता लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली में भीषण आग
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भानुप्रतापपुर। जिले से एक बड़ी घटना सामने आ रही है जिसमें एक हाइवा में दोपहर को बीच सड़क में आग लगने की वजह से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। एक वन परिक्षेत्र अंतर्गत सेमरापारा के पास मंगलवार को उस समय बड़ा हादसा होते-होते टल गया जब तेंदूपत्ता लेकर जा रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि ट्रॉली में लदे लगभग 80 बोरा तेंदूपत्ता पूरी तरह जलकर खाक हो गए। हालांकि चालक की सूझबूझ और समय रहते लिए गए निर्णय के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और जनहानि नहीं हुई।
जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर-ट्रॉली भीरागांव समिति के ग्राम घोठा फड़ से तेंदूपत्ता संग्रहित कर भानुप्रतापपुर स्थित स्थायी गोदाम की ओर जा रही थी। इसी दौरान सेमरापारा क्षेत्र के पास वाहन एक ऐसे स्थान से गुजरा, जहां ऊपर से गुजर रहे घरेलू बिजली तार नीचे लटक रहे थे। बताया जा रहा है कि ट्रॉली उन तारों के संपर्क में आ गई, जिसके कारण उसमें अचानक चिंगारी उठी और देखते ही देखते आग भड़क गई।
आग लगते ही ट्रैक्टर चालक हरेंद्र उइके ने तत्काल सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रैक्टर को ट्रॉली से अलग कर दिया और वाहन को सुरक्षित दूरी पर ले गया। चालक की इस त्वरित कार्रवाई से ट्रैक्टर सुरक्षित बच गया, अन्यथा पूरा वाहन भी आग की चपेट में आ सकता था और नुकसान कई गुना बढ़ सकता था। हालांकि ट्रॉली में भरा तेंदूपत्ता अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग ने तेजी से पूरे माल को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में लगभग 80 बोरा तेंदूपत्ता जलकर पूरी तरह राख हो गया। इस घटना से समिति को भारी आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।
घटना स्थल के आसपास लगभग 10 फीट की दूरी पर आवासीय मकान भी मौजूद थे, जिससे स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती थी। यदि आग थोड़ी भी आगे बढ़ती, तो आसपास की बस्ती इसकी चपेट में आ सकती थी और एक बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि आग की लपटें और धुआं काफी दूर से दिखाई दे रहा था, जिससे क्षेत्र में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल फायर ब्रिगेड और डायल 112 को जानकारी दी। सूचना पर दमकल विभाग की टीम और पुलिस बल मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का कार्य शुरू किया। दमकल कर्मियों ने काफी प्रयासों के बाद आग पर काबू पाया और जल चुके तेंदूपत्तों पर पानी डालकर पूरी तरह से आग को नियंत्रित किया ताकि किसी प्रकार की पुनः आगजनी की स्थिति न बने।
पुलिस और वन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, आग लगने का कारण बिजली तारों के संपर्क में आना बताया जा रहा है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण और परिवहन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है। इस तरह की घटनाएं न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर डालती हैं। विभाग ने संबंधित समिति से नुकसान का विस्तृत आकलन रिपोर्ट मांगा है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र में लटकते हुए बिजली तारों की मरम्मत और सुधार जल्द से जल्द किया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते चालक ने ट्रैक्टर अलग नहीं किया होता तो स्थिति और भी भयावह हो सकती थी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली लाइनों की स्थिति और रखरखाव कितनी सुरक्षित है। फिलहाल प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है।