Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रदेश में वन संपदा के संरक्षण और अवैध काष्ठ परिवहन पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सूरजपुर जिले के रामानुजनगर वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने रात्रिकालीन गश्त के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए सागौन के लट्ठों से लदे एक पिकअप वाहन को जब्त किया है। वन अमले की सतर्कता के चलते अवैध रूप से सागौन काष्ठ के परिवहन की कोशिश विफल हो गई। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में अवैध कटाई और वनोपज के अवैध परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 2 अगस्त 2026 की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि रामानुजनगर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत अवैध रूप से सागौन काष्ठ का परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी श्रीमती पूजा यादव के निर्देशन में वन कर्मियों की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम को संभावित मार्गों पर सघन रात्रि गश्त करने और संदिग्ध वाहनों की निगरानी के निर्देश दिए गए। गश्त के दौरान 3 अगस्त 2026 की सुबह लगभग 3 बजे वन विभाग की टीम परिसर छिंदिया क्षेत्र में पहुंची। इसी दौरान जंगल की ओर से एक पिकअप वाहन आता दिखाई दिया। वाहन की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर वनकर्मियों ने तत्काल घेराबंदी कर उसे रोक लिया। जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG-15 AC-1294 में सागौन प्रजाति के चार बड़े लट्ठे लदे हुए पाए गए।
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही मौके पर मौजूद लोगों को वन अमले की कार्रवाई का आभास हुआ, वे अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले। हालांकि वाहन को मौके पर ही कब्जे में ले लिया गया। वाहन चालक से सागौन काष्ठ के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज और परिवहन अनुज्ञप्ति (पास) मांगी गई, लेकिन वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। दस्तावेजों के अभाव में वन विभाग ने वाहन और उसमें लदे सागौन काष्ठ को जब्त कर लिया। इसके बाद भारतीय वन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। जब्त किए गए वाहन और लकड़ी को सुरक्षित अभिरक्षा के लिए रामानुजनगर वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर में रखा गया है।
वन विभाग का कहना है कि जब्त वाहन और सागौन काष्ठ के संबंध में आगे की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि लकड़ी की अवैध कटाई कहां से की गई थी और इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की संलिप्तता है। फरार आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास भी जारी हैं। इस कार्रवाई में वनरक्षक राहुल साहू, वनरक्षक सुनील कुमार और वनरक्षक बिजेश्वर सिंह ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वन विभाग ने टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। वन अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में वन संपदा की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अवैध कटाई, लकड़ी तस्करी और वनोपज के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रात्रिकालीन गश्त, मुखबिर तंत्र और विशेष अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। विभाग ने चेतावनी दी है कि वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।