Kawardha. कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले प्रशासन ने अवैध भंडारण और कारोबार के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर खाद्य विभाग, कृषि उपज मंडी और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (सीसीबी) की संयुक्त टीम ने पंडरिया क्षेत्र में दो व्यापारियों के प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान अवैध रूप से भंडारित पाए गए धान पर कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले में आगामी धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य अधिकारी चंद्रशेखर देवांगन के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने पंडरिया क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान टीम ने व्यापारी वासु ठाकुर के प्रतिष्ठान में धान के भंडारण की पड़ताल की। इस दौरान 50 बोरी धान अवैध रूप से भंडारित पाए जाने पर विभागीय टीम ने उसे जब्त कर लिया। मामले में संबंधित नियमों के तहत प्रकरण तैयार किया गया है।
इसके बाद संयुक्त टीम ने व्यापारी सुशील गुप्ता के यहां जांच की। यहां भी धान के भंडारण में अनियमितता मिलने की जानकारी सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान 15 क्विंटल धान अवैध रूप से भंडारित पाया गया, जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस तरह पंडरिया क्षेत्र में एक ही दिन में अवैध धान भंडारण से संबंधित दो अलग-अलग प्रकरण बनाए गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी।
दरअसल, प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने वाली है। खरीदी प्रक्रिया प्रारंभ होने से पहले धान के अवैध भंडारण और अनियमित कारोबार की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी तेज कर दी है। जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों के लिए बनाई गई सरकारी खरीदी व्यवस्था का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचे। इसके लिए खाद्य विभाग, मंडी प्रशासन और सहकारी बैंक से जुड़े अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित कर जांच अभियान चलाया जा रहा है।
कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने अवैध भंडारण और खरीदी-बिक्री से जुड़ी गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। प्रशासन का मानना है कि खरीदी शुरू होने से पहले निगरानी और जांच की व्यवस्था मजबूत होने से संभावित गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से धान के भंडारण, संबंधित दस्तावेजों और व्यापारिक गतिविधियों की जांच पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, धान खरीदी केंद्रों पर व्यवस्थित ढंग से खरीदी सुनिश्चित करने के साथ अवैध कारोबार पर नियंत्रण रखना भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से संबंधित विभागों की संयुक्त टीमें सक्रिय की गई हैं। पंडरिया में सामने आए दोनों मामलों में विभागीय स्तर पर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल जब्ती और प्रकरण दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। संबंधित व्यापारियों का पक्ष और संभावित अतिरिक्त दंड के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी और जांच की जाएगी। किसी भी स्थान पर नियमों के विपरीत भंडारण या कारोबार पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।