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अंबाला में अमित शाह ने किया 800 करोड़ के शहीद स्मारक का लोकार्पण
Shantanu Roy
5 Nov 2026 4:55 PM IST

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Ambala. अंबाला। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह गुरुवार को हरियाणा के अंबाला पहुंचे। यहां उन्होंने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के वीर बलिदानियों की स्मृति में निर्मित भव्य शहीद स्मारक एवं संग्रहालय के लोकार्पण समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि आजादी के नायकों का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का परम कर्तव्य है। यह स्मारक देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के बलिदान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।
अंबाला छावनी में लगभग 22 एकड़ भूमि पर निर्मित इस ऐतिहासिक स्मारक पर करीब 800 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्मारक में 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े 700 से अधिक वीर सेनानियों के नाम सुनहरे अक्षरों में अंकित किए गए हैं। यहां आधुनिक तकनीक की सहायता से स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और बलिदान की गाथाओं को प्रदर्शित करने की व्यवस्था की गई है।
आजादी के नायकों का सम्मान, हर भारतीय का परम कर्तव्य है। हरियाणा के अंबाला में पहले स्वाधीनता संग्राम (1857) के शहीदों की स्मृति में नवनिर्मित शहीद स्मारक व म्यूजियम के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहा हूँ... https://t.co/3vKkHWOOsW
— Amit Shah (@AmitShah) November 5, 2026
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान को राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि आजादी के नायकों को याद रखना हर भारतीय का कर्तव्य है। उनके बलिदान और संघर्ष के कारण ही देश को स्वतंत्रता मिली। ऐसे ऐतिहासिक स्थलों के माध्यम से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के महत्व से परिचित कराया जा सकता है। इस स्मारक की विशेषता यह है कि इसमें आधुनिक डिजिटल प्रस्तुतीकरण, 360 डिग्री प्रोजेक्शन, लेजर शो और साउंड सिस्टम जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनके माध्यम से आगंतुक स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं और सेनानियों के संघर्ष को समझ सकेंगे।
हरियाणा के ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने इस स्मारक को प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में अंबाला की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। इस स्मारक के माध्यम से उन वीरों को उचित सम्मान मिलेगा, जिनका योगदान लंबे समय तक व्यापक चर्चा से दूर रहा। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के दौरान अंबाला छावनी में भी ब्रिटिश शासन के खिलाफ सैनिकों में असंतोष और विद्रोह की गतिविधियां सामने आई थीं। इस क्षेत्र के अनेक सैनिकों और स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी शासन का विरोध किया तथा कठोर दमन का सामना किया।
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