महतारी वंदन योजना : बेटियों की भविष्य सुरक्षित, महिलाओं के कठिन हालात के दिन गए, परिवार में खुशियां

Update: 2025-06-22 04:38 GMT

रायपुर। महतारी वंदन योजना के तहत 21 से 59 साल की उम्र की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये दिए जा रहे हैं। विष्णुदेव सरकार इस फ्लैगशिप योजना के तहत राज्य की करीब 70 लाख महिलाओं के खाते में 10433.64 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर चुकी हैं। प्रदेश की महिलाओं के लिए हर तरह से उपयोगी और लाभ दायक है। राज्य की महिलाएं इस योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि का उपयोग इलाज, घरेलु कार्य एवं अन्य जरूरी कार्यों के लिए करने के साथ-साथ अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा-दीक्षा दिलाने में भी कर रहीं है।

महतारी वंदन योजना सुकमा जिले के आदिवासी बहुल ग्राम फुलबगड़ी की ग्रामीण महिला माड़वी अनिता के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बन गया है। अनिता ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली राशि भविष्य में उनके बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के लिए बहुत बड़ा सहारा बनेगा। माड़वी ने बताया कि उनकी दो बेटियां हैं। बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि को उनके द्वारा प्रतिमाह सुकन्या समृद्धि योजना के बैंक खाते में जमा किया जाता है। भविष्य में बड़ी राशि मिलने की उम्मीद से काफी खुशी होती है।इस तरह से छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा महतारी वंदन योजना लागू करने से अनिता के परिवार की बहुत बड़ी चिंता दूर हुई है।

हिन्देश्वरी ने बताई अपनी कहानी

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए इस योजना की शुरुआत मार्च 2024 में की गई थी। अब तक लगातार 16 माहों में 10433.64 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश की महिलाओं को प्रदाय की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत 21 से 60 वर्ष आयु वर्ग की विवाहित, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। महतारी वंदन योजनांतर्गत सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। जिन हितग्राहियों का खाता डीबीटी इनेबल नहीं है वे तत्काल बैंक जाकर आधार सीडिंग करवायें क्योंकि उनको भुगतान किये जाने पर राशि वापस हो जा रही है तथा इस हेतु उन्हें एसएमएस के माध्यम से सूचित भी किया गया है। यदि किसी हितग्राही को किसी प्रकार की शिकायत हो तो इस पोर्टल में शिकायत करें ऑप्शन में जाकर अपनी समस्या ऑनलाईन दर्ज कर सकती है।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने हितग्राही महिलाओं से अपील की है कि वह अपना आधार कार्ड अपडेट कराएं, ताकि राशि के भुगतान में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। ज्ञात हो कि आधार कार्ड को हर 10 वर्षों में अपडेट करना अनिवार्य है। कई हितग्राहियों का भुगतान आधार इनएक्टिव होने के कारण निरस्त किया गया है। ऐसे हितग्राहियों को आधार केंद्र में जाकर पहचान एवं निवास प्रमाण-पत्र के साथ आधार अपडेट कराना आवश्यक है, ताकि आगामी किश्त का भुगतान सुनिश्चित हो सके।वनांचल क्षेत्र छिंदगढ़ की निवासी शांति नाग ने बताया कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता ने उनके कठिन जीवन में स्थायित्व और आशा की किरण जगी है। खेती और मजदूरी के सहारे जीवन यापन करने वाले इस परिवार के लिए योजना की एक हजार रुपये की मासिक सहायता जीवन में परिवर्तनकारी साबित हुई है। शांति नाग अब स्वयं को आत्मनिर्भर और सम्मानित नागरिक के रूप में महसूस करती हैं।

नाग कहती हैं कि पहले रोजमर्रा की आवश्यकताओं को पूरा करना भी चुनौती था, लेकिन अब घरेलू खर्चों में राहत मिली है और वे अपने बच्चों की पढ़ाई तथा स्वास्थ्य जैसे जरूरी विषयों पर भी ध्यान दे पा रही हैं। छिंदगढ़ के ही आश्रित ग्राम पुजारीपाल की लाभार्थी महिलाओं ने योजना के प्रति गहरी संतुष्टि जताई। उन्होंने कहा कि योजना से प्राप्त वित्तीय सहायता ने न सिर्फ उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया है, बल्कि समाज में उनकी पहचान को भी मजबूत किया है। आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी की भावना से ओत-प्रोत ये महिलाएं अब अपने परिवार की खुशहाली की दिशा में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं।

बालोद जिले के आदिवासी बहुल डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम खलारी की ग्रामीण महिला मंजूलता एवं ग्राम बनगांव निवासी सविता टेकाम के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बन गई है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत इन दोनों महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली राशि का उपयोग उनके बच्चों के उच्च शिक्षा के अध्ययन के लिए शुल्क जमा करने में मददगार साबित होकर यह योजना उनके बच्चों को शिक्षा-दीक्षा दिलाने की दिशा में संजीवनी साबित हो रहा है। इन दोनों महिलाओं ने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनके बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के लिए बहुत बड़ा सहारा बन गई है।

राज्य शासन की इस योजना की सराहना करते हुए ग्राम खल्लारी निवासी मंजूलता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह मिलने वाली राशि मेरे लिए हर तरह से उपयोगी साबित हो रहा है। उन्हांेने कहा कि वे बहुत ही साधारण ग्रामीण परिवार की घरेलू महिला है। वे एवं उनके परिवार थोड़ी बहुत खेती-किसानी एवं मेहनत-मजदूरी कर अपना जीवन-यापन करती हैं। उन्होंने बताया कि उनका लड़का देवेन्द्र कुमार शासकीय महाविद्यालय कांकेर में बीएससी द्वितीय वर्ष का विद्यार्थी है। परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नही होने के कारण महतारी वंदन योजना से प्रतिमाह राशि प्राप्त होने के पहले अपने बच्चों के पढ़ाई-लिखाई के लिए राशि प्रबंध करने में बहुत कठिनाई होती थी। वे और उनका परिवार बहुत मुश्किल से अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के लिए पैसे का प्रबंध कर पाते थे। लेकिन अब प्रतिमाह महतारी वंदन योजना अंतर्गत उनके खाते में 01 हजार रुपये की राशि जमा होने से उनके बच्चे के पढ़ाई-लिखाई के लिए राशि का प्रबंध करने के लिए किसी प्रकार की कठिनाई नही होती है। इस तरह से महतारी वंदन योजना लागू होने से उनके एवं उनके परिवार की बहुत बड़ी चिंता दूर हुई है। आज वे एवं उनके परिवार तथा उनके बच्चे बहुत ही प्रसन्नचित है।

इसी तरह राज्य शासन की इस योजना की सराहना डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम बनगांव सविता टेकाम ने भी की है। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी एवं मेहनत-मजदूरी का कार्य ही उनके परिवार के जीविकोपार्जन का आधार है। खराब आर्थिक स्थिति के बावजूद उन्हें और उनके बच्चों में पढ़ाई-लिखाई के प्रति उन्हें अपार लगाव है। लेकिन घर की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण बच्चों की पढ़ाई के लिए राशि का प्रबंध करने के लिए बहुत ही कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। वर्तमान में महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह मिलने वाली राशि उनके बच्चों पढ़ाई-लिखाई के लिए सहारा बन कर मेरे एवं मेरे परिवार के सपनों को पंख देने एवं संबल प्रदान करने का कार्य कर रहा है। इस योजना से मिले राशि का उपयोग अपनी पुत्री कुमारी सुधा टेकाम के हेल्थ केयर प्रशिक्षण के शुल्क जमा करने मंे किया है। इस तरह से यह योजना मेेरी पुत्री सुधा के पढ़ाई-लिखाई के लिए वरदान साबित होकर उनके सपने को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन दोनों महिलाओं ने राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की भूरी-भूरी सराहना करते हुए अपने जैसे अनेक जरूरतमंद महिलाओं के लिए मुश्किल वक्त का सहारा बताया है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है।

महतारी वंदन योजना की शुरुआत साल 2024 से की गई है - छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने शुरू की थी। मार्च, 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की शुरुआत की थी। समाज में भेदभाव को दूर करने और महिलाओं के पोषण स्तर को बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ में 'महतारी वंदन योजना' को लॉन्च किया गया था। इस योजना के तहत शादीशुदा महिलाओं को 1000 रुपये महीने के हिसाब से साल में 12,000 रुपये की वित्तीय मदद की जाती है।

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