Rajnandgaon. राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में बुधवार तड़के एलपीजी से भरे एक टैंकर के केबिन में अचानक आग लग गई। इस घटना में समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा विस्फोट टल गया और आसपास के क्षेत्र में कोई हताहत नहीं हुआ। यह हादसा विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के कैंप कार्यालय के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, नागपुर की ओर से आ रहा 'LMR ट्रांसपोर्ट' का यह एलपीजी टैंकर (पंजीकरण संख्या KA01 AK 3931) लगभग 40,000 लीटर गैस से भरा था। ट्रक के इंजन वाले केबिन से अचानक आग की लपटें उठ गईं।
नगर निगम के अग्निशमन विभाग और पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास किया। आग इतनी भीषण थी कि ट्रक का पूरा केबिन जलकर लोहे के ढांचे में बदल गया। विंडशील्ड, टायर और अंदर की सीटें पूरी तरह राख हो गई। हालांकि, आग केवल केबिन तक सीमित रही और मुख्य गैस कंटेनर सुरक्षित रहा। यदि आग गैस कंटेनर तक पहुंचती, तो आसपास के कई किलोमीटर का क्षेत्र प्रभावित हो सकता था। इस घटना के कारण सड़क पर कालिख और जले हुए अवशेष फैल गए, जिससे यातायात बाधित हुआ। नागपुर से दुर्ग की ओर जाने वाली सड़क पर जय मोटर्स के सामने से लगभग 5 किलोमीटर दूर पेंद्री तक ट्रकों का लंबा जाम लग गया। घटनास्थल के पास एक अन्य ट्रक और ऑटो-रिक्शा भी खड़े देखे गए। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट या इंजन में ओवरहीटिंग बताया जा रहा है।
इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। पुलिस और अग्निशमन विभाग ने कहा कि त्वरित कार्रवाई और सुरक्षा उपकरणों के सही इस्तेमाल से बड़ा हादसा टल गया। यदि आग गैस कंटेनर तक पहुंचती, तो आसपास के लोगों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को भारी नुकसान हो सकता था। स्थानीय लोग और वाहन चालक इस घटना से भयभीत हुए। प्रशासन ने सड़क पर अवशेष हटाने और यातायात पुनः सुचारु करने का काम शुरू कर दिया। इसके अलावा, टैंकर चालक और ट्रक के अन्य कर्मियों से भी विस्तृत जानकारी और बयान लिए जा रहे हैं। राजनांदगांव पुलिस ने बताया कि आगे जांच में ट्रक की तकनीकी स्थिति, शॉर्ट सर्किट के कारण और अग्निशमन तैयारी की समीक्षा की जाएगी। यह घटना दर्शाती है कि एलपीजी टैंकरों और भारी वाहनों के संचालन में समय पर सावधानी और सुरक्षा उपकरणों का महत्व कितना जरूरी है। प्रशासन और पुलिस अब ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त निगरानी बढ़ाएंगे।