शिक्षकों ने DEO कार्यालय का किया घेराव, TET समेत कई मांगों पर सौंपा ज्ञापन
छग
Bemetara. बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के शासकीय प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET), पदोन्नति में विसंगतियों और लंबित स्थानीय समस्याओं को लेकर शिक्षक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने सोमवार को जिला शिक्षा अधिकारी बेमेतरा कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और जिला शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की। संयुक्त प्रतिनिधिमंडल में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन, नवीन शिक्षक संघ और सर्व शिक्षक संघ के पदाधिकारी शामिल रहे। शिक्षक नेताओं ने कहा कि सेवा सुरक्षा और पदोन्नति से जुड़े विषयों पर स्पष्ट और व्यावहारिक निर्णय लिया जाना जरूरी है।
ताकि वर्षों से शासकीय स्कूलों में सेवा दे रहे शिक्षकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। संयुक्त मोर्चा की प्रमुख मांगों में सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करना शामिल है। शिक्षक संगठनों ने मांग की कि राज्य शासन NCTE के समन्वय से हर साल कम से कम दो बार विशेष TET का आयोजन करे। इससे सेवा में कार्यरत शिक्षकों को परीक्षा उत्तीर्ण करने के पर्याप्त अवसर मिल सकेंगे और उनकी सेवा सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। शिक्षक संगठनों ने वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी राहत की मांग की है। उनका कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने से पहले तत्कालीन भर्ती नियमों के अनुसार नियुक्त शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त रखा जाना चाहिए।
पदोन्नति को लेकर भी शिक्षकों ने अपनी मांग रखी। संयुक्त मोर्चा ने कहा कि वरिष्ठता के आधार पर पात्र शिक्षकों की पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए और TET उत्तीर्ण करने के लिए 1 सितंबर 2028 तक पर्याप्त समय दिया जाए। इससे शिक्षकों की वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रभावित नहीं होगी। मार्च 2026 में जारी पदोन्नति सूची और इसके बाद 11 अगस्त 2026 को जारी आदेश को लेकर भी शिक्षकों ने आपत्ति जताई। संगठनों के अनुसार पदोन्नति सूची जारी होने के महीनों बाद काउंसलिंग के लिए अचानक TET से संबंधित जानकारी मांगी गई। शिक्षकों ने इसे पदोन्नति प्रक्रिया में विसंगति बताते हुए संबंधित आदेश में संशोधन की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान जिले की स्थानीय समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। शिक्षक संगठनों का कहना है कि सत्र 2025-26 के पात्र शिक्षकों को अभी तक मुख्यमंत्री शिक्षक अलंकरण पुरस्कार प्रदान नहीं किया गया है। इसे जल्द प्रदान करने की मांग की गई। इसके साथ ही सत्र 2025-26 में संचालित बालवाड़ी केंद्रों का लंबित मानदेय तत्काल जारी करने की मांग भी रखी गई। शिक्षकों ने विभागीय सूचना व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताई। उनका कहना है कि कई बार महत्वपूर्ण विभागीय सूचनाएं समय पर शिक्षकों तक नहीं पहुंच पातीं, जिससे निर्धारित समयसीमा में जानकारी जमा करने में परेशानी होती है। संयुक्त मोर्चा ने सूचना तंत्र को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने की मांग की है।
शिक्षक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों और स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो शिक्षक संवर्ग आगे की रणनीति बनाने के लिए बाध्य होगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि शिक्षा सचिव नवा रायपुर और कलेक्टर बेमेतरा को भी भेजी गई है। प्रदर्शन में रविन्द्र राठौर, मनीष मिश्रा, विकास राजपूत, मोहम्मद यासीर इरफान, देवेंद्र हरमुख, बसंत कौशिक, अश्वनी कुर्रे, सिराज बख्स, आदित्य गौरव, प्रेम नारायण शर्मा, अशोक कुमार धुर्वे, पोखण साहू, चंद्रशेखर पटेल, अजय यादव, गंगाधर दुबे, बाबूलाल गोयल, गेंदराम वर्मा, ओम नारायण साहू, राजा वर्मा, दीपक राजपूत, पूर्णेंद्र तिवारी, मनीष पाटील, सुनील साहू, सुकन्या राजपूत, सुनीता साहू और नुतेश्वर चंद्राकर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।