लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि अर्पित कर दी

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Update: 2025-12-11 15:17 GMT
New Delhi. नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के महानायक धर्मेंद्र के निधन के बाद उनकी स्मृति में नई दिल्ली स्थित डॉ. आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र में लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आज श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सांसद ने दिवंगत अभिनेता को याद करते हुए उनके व्यक्तित्व, कला और समाज में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि धर्मेंद्र केवल एक कलाकार नहीं थे, बल्कि भारतीय संस्कृति, संवेदनशीलता और सरलता के प्रतीक थे। उनके फिल्मी करियर ने पूरे देश को
भावनात्मक
और सामाजिक रूप से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र की मुस्कान और उनकी सहज शैली आज भी करोड़ों दिलों में जीवंत है। श्रद्धांजलि अर्पित करते समय सांसद ने सिर झुकाकर यह अनुभूति व्यक्त की कि सच्चे कलाकार कभी विदा नहीं होते। उनका कर्म, व्यक्तित्व और कला उन्हें अमर बना देते हैं। उन्होंने धर्मेंद्र के परिवार और चाहने वालों के लिए भी सांत्वना और शक्ति की प्रार्थना की।

बृजमोहन अग्रवाल ने धर्मेंद्र के जीवन और फिल्मी योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल अभिनय में उत्कृष्टता दिखाई, बल्कि अपने नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना के लिए भी जाने गए। उनके करियर में विभिन्न सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों को प्रमुखता मिली, जो दर्शकों को गहराई से छूती रही। इस अवसर पर सांसद ने यह भी कहा कि धर्मेंद्र की फिल्मों ने कई पीढ़ियों को जोड़ने का काम किया। उनकी छवि, उनके संवाद और उनके अभिनय की शैली आज भी भारतीय सिनेमा प्रेमियों के बीच आदर्श बनी हुई है। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र की कला और व्यक्तित्व को याद कर हम सबको प्रेरणा मिलती है कि जीवन में सरलता और सच्चाई के मार्ग पर चलना चाहिए।

सांसद ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और उनके परिवार को इस कठिन समय में संबल प्रदान करें। उन्होंने अंत में “ॐ शांति” कहकर श्रद्धांजलि समाप्त की। धर्मेंद्र के निधन के बाद देशभर में उनके प्रशंसकों और फिल्मी जगत के लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उनके योगदान को याद करते हुए इस कार्यक्रम में सांत्वना और स्मृति की अनुभूति साफ तौर पर देखी गई। लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल की यह पहल दर्शाती है कि धर्मेंद्र की स्मृति केवल फिल्मी दुनिया में ही नहीं, बल्कि समाज और संस्कृति में भी अमर है। उनकी सरलता, सहनशीलता और कलाकार की प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनी रहेगी। इस तरह सांसद ने श्रद्धांजलि अर्पित कर न केवल धर्मेंद्र को याद किया, बल्कि देशवासियों को यह संदेश दिया कि सच्चे कलाकार कभी मरते नहीं हैं, उनका योगदान और व्यक्तित्व सदैव जीवित रहता है।
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