छत्तीसगढ़

कलेक्टर के निर्देश पर धान के अवैध भण्डारण एवं संग्रहण पर हो रही है कड़ी कार्यवाही

Shantanu Roy
11 Dec 2025 8:19 PM IST
कलेक्टर के निर्देश पर धान के अवैध भण्डारण एवं संग्रहण पर हो रही है कड़ी कार्यवाही
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छग
Raipur. रायपुर। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर जिले में धान के अवैध परिवहन, भंडारण और संग्रहण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में खाद्य विभाग और मंडी निरीक्षण टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए जिले की कई राइस मिलों में छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान तीन अलग-अलग मिल परिसरों में निर्धारित स्टॉक से अधिक धान पाया गया, जिसे मंडी अधिनियम के तहत तुरंत जब्त कर लिया गया। जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ राइस मिल संचालक धान का अवैध स्टॉक कर रहे हैं और खरीदी व्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने खाद्य अधिकारियों और मंडी निरीक्षकों की संयुक्त टीम गठित कर सघन निरीक्षण के निर्देश दिए।
निरीक्षण टीम ने जिले के पारागांव, नवापारा और अभनपुर क्षेत्र की राइस मिलों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पारागांव स्थित सतनाम इंडस्ट्रीज के मिल परिसर में 212.80 क्विंटल धान पाया गया, जो निर्धारित स्टॉक की मात्रा से अधिक था। इसी तरह, नवापारा स्थित श्री मोहिनी एग्रोटेक के मिल परिसर में 244.80 क्विंटल अवैध धान का भंडारण मिला। वहीं अभनपुर की आदर्श राइस मिल में भी 68 क्विंटल अतिरिक्त धान का स्टॉक बरामद किया गया। जांच टीम ने इन सभी स्टॉक की माप-तौल कर दस्तावेजों का मिलान किया। चूंकि स्टॉक का कोई वैध रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किया गया, इसलिए मंडी अधिनियम के तहत धान को तत्काल जब्त कर लिया गया। संबंधित मिल संचालकों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
खाद्य विभाग अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध धान भंडारण से न केवल सरकारी धान खरीदी व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि बाजार में कृत्रिम संकट भी उत्पन्न होता है। ऐसे में प्रशासन सख्त रुख अपनाते हुए इस तरह के कृत्यों पर कड़ी कार्रवाई कर रहा है। मंडी सचिवों ने जानकारी दी कि सभी तीन मिलों में पाए गए कुल 525 क्विंटल से अधिक धान को सुपुर्दगी नामा बनाकर सरकारी अभिरक्षा में लिया गया है। आगे जांच रिपोर्ट के आधार पर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी।
कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में धान खरीदी को पारदर्शी और व्यवस्थित रखने के लिए प्रशासन कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि धान खरीदी सीजन के दौरान अवैध परिवहन और स्टॉकिंग को रोकने विशेष निगरानी दल सक्रिय हैं। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि वे केवल अधिकृत समितियों में ही अपना धान बेचें और निजी व्यापारियों के बहकावे में न आएं। प्रशासन का लक्ष्य है कि प्रत्येक किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य का पूरा लाभ दिलाया जाए। जिला प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में निरीक्षण और सख्ती और बढ़ाई जाएगी। किसी भी मिल या व्यापारी को अवैध धान भंडारण करते पाए जाने पर कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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