रायपुर में व्याख्याता के घर लाखों की चोरी, तीजा कार्यक्रम में गई थी परिवार संग
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बड़ी चोरी की वारदात सामने आई है। डंगनिया बम्लेश्वरी चौक के पास रहने वाली बिंदा सोनकर, जो अश्वनी नगर रायपुर के एक स्कूल में व्याख्याता के पद पर कार्यरत हैं, उनके घर में लाखों के जेवरात और नगदी पर हाथ साफ कर लिया गया। पीड़िता जब तीजा पर्व मनाकर अपने घर लौटी तो दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला और सारा सामान बिखरा पड़ा था। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तीजा मनाने गई थी परिवार संग
मिली जानकारी के अनुसार, व्याख्याता बिंदा सोनकर 26 अगस्त 2025 की शाम करीब 7 बजे अपने घर के सभी कमरों और मुख्य दरवाजे पर ताला लगाकर अपनी मां और बहन के पास ग्राम मोहदी, धरसींवा तीजा कार्यक्रम मनाने के लिए गई थीं। दो दिनों तक घर पर कोई नहीं था। 28 अगस्त को दोपहर लगभग 3.40 बजे जब वे वापस लौटीं तो घर के मुख्य गेट में ताला ज्यों का त्यों लगा मिला। जैसे ही उन्होंने ताला खोला और भीतर प्रवेश किया, तो नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। घर के नीचे के तीन कमरों और ऊपर के दो कमरों के दरवाजों के ताले टूटे हुए थे। कमरे अस्त-व्यस्त थे, अलमारी खुली हुई थी और दीवान पलंग का सामान बिखरा पड़ा था।
दीवान पलंग से उड़ाए गए जेवर और नगदी
जब उन्होंने दीवान पलंग को चेक किया तो पाया कि उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात और नगदी रकम गायब थी। पीड़िता के अनुसार, चोरी गए सामान में शामिल हैं —
01 नग सोने का रानी हार
01 नग सोने का सामान्य हार
08 नग सोने की अंगूठी
01 नग सोने की चैन
01 मंगलसूत्र
02 नग सोने के कंगन
01 जोड़ी सोने का झुमका
04 जोड़ी सोने के टॉप्स
02 जोड़ी चांदी की पैजेब
01 चांदी का लक्ष्मी कमरबंद
04 नग चांदी के सिक्के
03 नग चांदी का सिंदूर डिब्बा
इसके अलावा घर में स्कूल फीस के लिए रखी गई नकदी रकम ₹2,73,436 भी चोरी हो गई। कुल मिलाकर सोने-चांदी के जेवरात और नगदी की कीमत लगभग ₹4,33,436 आंकी गई है।
एटीएम और पासबुक भी ले गए चोर
चोरों ने केवल जेवर और नकदी ही नहीं, बल्कि बैंक ऑफ बड़ौदा का एटीएम कार्ड, सेंट्रल बैंक का एटीएम कार्ड और पासबुक भी गायब कर दिए। इससे साफ है कि चोर बड़ी तैयारी के साथ घर में घुसे और हर उस सामान को ले गए जिसकी भविष्य में किसी भी रूप में आर्थिक उपयोगिता हो सकती थी।
वारदात के बाद इलाके में दहशत
इस घटना से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई है। लोग अब अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। जिस समय चोरी हुई, उस दौरान पूरा परिवार घर से बाहर था, जिससे चोरों ने इसका फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि चोरों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह संगठित चोरी का मामला प्रतीत होता है। संभावना जताई जा रही है कि चोर पहले से घर पर नजर रखे हुए थे और जैसे ही पूरा परिवार बाहर गया, उन्होंने मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया।
जनता से पुलिस की अपील
घटना के बाद पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। साथ ही, घर से बाहर जाने के दौरान पड़ोसियों या रिश्तेदारों को सूचित करने की सलाह दी है, ताकि घर की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।महासमुंद (वीएनएस)। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की महत्वाकांक्षी अभियान आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हेमंत नंदनवार की अध्यक्षता में सोमवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में ग्राम सचिवों के लिए जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें अभियान के बारे में सम्पूर्ण जानकारी एवं दिशा निर्देश दिया गया। साथ ही कार्यक्रम में योजना के उद्देश्य, कार्य का तरीका एवं परिणाम के सम्बन्ध में आवश्यक चर्चा भी किया गया।
उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जिले के पांचों जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं समस्त ग्राम के सचिव मौजूद थे। मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत नंदनवार ने कहा कि सभी सचिव इस अभियान हेतु अपने ग्राम के नोडल अधिकारी के रूप में काम करेंगे एवं सेवा प्रदायगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समस्त विभागों के साथ मिलकर अभिसरण की भावना से ग्रामों का विकास किया जाना अत्यंत आवश्यक है। अभियान के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए आदिवासी विकास विभाग से मास्टर ट्रेनर निलेश खांडे ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्राम स्तर पर एक ऐसे लीडरशिप टीम तैयार करना है जो अपने ग्राम के मूलभूत आवश्यकताओं को शासन तक उचित तरीके से रख पाएं। जिससे शासन-प्रशासन उसे सही तरीके से पूरा कर पाए, साथ ही सभी योजनाओं का लाभ अंतिम मील तक संतृप्त हो सके। इस अभियान के लिए महत्वपूर्ण कड़ी में आदि सेवा केंद्र है जो सभी धरती-आबा योजना अंतर्गत चयनित 308 ग्रामो में स्थापित किये जाएंगे। जिसके अंतर्गत एक सिंगल विंडो का संचालन ग्राम सचिव एवं रोजगार सहायक के माध्यम से किया जाएगा, जहाँ ग्रामीणों को अपने समस्या का समाधान मिल सके।