लैलूंगा पुलिस ने लगाया जन चौपाल, महिला अपराध और साइबर क्राइम पर किया जागरूक
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Raigarh. रायगढ़। थाना लैलूंगा के उप निरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में ग्राम नारायणपुर के आश्रित ग्राम मुड़ापारा में पुलिस जन चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का उद्देश्य ग्रामीणों में महिला अपराध और साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। ग्रामीणों को महिला सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा और नशा मुक्ति के विषय में विस्तृत जानकारी दी गई। जन चौपाल के दौरान थाना प्रभारी ने महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर विस्तार से चर्चा की। इसमें घरेलू हिंसा, छेड़छाड़, दहेज प्रताड़ना और बाल अपराध जैसे विषय शामिल थे। ग्रामीणों को समझाया गया कि किसी भी प्रकार के हिंसक या आपराधिक घटनाओं की जानकारी तुरंत पुलिस को दें और कानूनी मदद लेने से हिचकिचाएं नहीं। साइबर क्राइम पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया हैकिंग, ओटीपी साझा करने के खतरे और डिजिटल सुरक्षा के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि व्यक्तिगत जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी भी संदिग्ध लिंक, मैसेज या कॉल से सतर्क रहें। उन्होंने ग्रामीणों को यह भी निर्देश दिया कि किसी भी साइबर अपराध की घटना होने पर तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाए।
इस जन चौपाल में ग्राम की महिलाओं ने नशा मुक्ति अभियान पर अपनी उत्सुकता और समर्थन दिखाया। उन्होंने कहा कि नशे के कारण परिवार और समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, और वे पुलिस के साथ मिलकर अपने गांव में नशाबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए कदम उठाएंगी। महिलाओं ने पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की। थाना लैलूंगा की यह पहल ग्रामीण समुदाय में सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस तरह के जन चौपालों के माध्यम से न केवल अपराधों की रोकथाम होगी, बल्कि ग्रामीण समाज में कानून और डिजिटल सुरक्षा के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा। जन चौपाल में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी गिरधारी साव और टीम का धन्यवाद किया और कहा कि उन्हें पुलिस के मार्गदर्शन से अपराध और साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रहने में मदद मिलेगी। पुलिस ने आश्वासन दिया कि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे और ग्रामीणों को महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और नशा मुक्ति के विषय में लगातार जागरूक किया जाएगा। इस कार्यक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया कि पुलिस और समुदाय के बीच साझेदारी से समाज में सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाई जा सकती है। ग्रामीणों को बताया गया कि न केवल व्यक्तिगत सतर्कता, बल्कि सामूहिक प्रयास भी अपराध और नशे जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होंगे।