Korba. कोरबा। एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में नाम विलोपित करने को लेकर उत्पन्न विवाद फिलहाल सुलझ गया है। रविवार को दोपहर 3 बजे तहसील कार्यालय कोरबा में प्रशासन और सुन्नी मुस्लिम जमात के पदाधिकारियों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची में नाम विलोपित किए जाने और फॉर्म 7 के दुरुपयोग के मुद्दे पर चर्चा हुई। पिछले दिनों जिला निर्वाचन कार्यालय ने कोरबा विधानसभा क्षेत्र के 1566 मतदाताओं की सूची प्रकाशित की थी। सूची में कहा गया था कि इन सभी का फॉर्म 7 भरा गया है और ये अपने पते पर नहीं रहते, अतः उनके नाम विलोपित किए जाने चाहिए। इन नामों में लगभग 98% मुस्लिम मतदाता थे।
सुन्नी मुस्लिम जमात ने इस सूची पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सभी मतदाता अपने मूल पते पर ही रहते हैं। उनका दावा था कि कुछ शरारती और सांप्रदायिक तत्वों ने एक साजिश के तहत फॉर्म 7 भरे और मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश की, जिससे उन्हें मताधिकार से वंचित किया जा सके। इस पर मुस्लिम समाज ने विरोध जताया और 9 फरवरी को मौन जुलूस निकालने का निर्णय लिया। संबंधित विवाद सुलझाने के लिए प्रशासन ने एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की। बैठक में सूची का अवलोकन किया गया और स्पष्ट किया गया कि किसी भी व्यक्ति का नाम विलोपित सूची में नहीं है। केवल 4 मृतक मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए हैं। एसडीएम ने मौके पर इन चार नामों की जानकारी भी साझा की।
प्रशासन ने मुस्लिम समाज की सभी मांगों को स्वीकार किया और समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद सुन्नी मुस्लिम जमात ने प्रस्तावित मौन जुलूस को स्थगित करने की घोषणा की। बैठक में प्रशासनिक पक्ष से एसडीएम कोरबा सरोज महिलांगे, तहसीलदार बजरंग साहू, एडिशनल एसपी नीतीश कुमार ठाकुर, एडिशनल एसपी प्रतीक चतुर्वेदी, रामपुर चौकी प्रभारी नवीन पटेल, अजय सोनवानी, अजय सिंह परिहार और इमरान खान उपस्थित रहे। मुस्लिम जमात की ओर से सदर हाजी अखलाख खान असरफी, जनरल सेक्रेटरी जुम्मन खान रिजवी, कार्यकारी अध्यक्ष मो. हकीम खान, मेमन जमात के सदर अमीन शेखानी, प्रवक्ता मकसूद आलम, तौफीक खान, सरवर हुसैन खान, शेख मंसूर, अशरफ अली, रिजवान खान और अन्य सदस्य मौजूद थे।
बैठक शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। दोनों पक्षों ने आपसी संवाद के माध्यम से समाधान पर संतोष व्यक्त किया। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में मतदाता सूची संबंधी किसी भी समस्या का त्वरित समाधान किया जाएगा और किसी भी जाति या समुदाय के मतदाता के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। इस विवाद के समाधान से मुस्लिम समुदाय को भरोसा मिला और मौन जुलूस स्थगित करने के फैसले के बाद क्षेत्र में शांति बनी रही। प्रशासन और समुदाय के बीच यह बैठक सामूहिक संवाद और सहमति का एक उदाहरण रही।