BREAKING: कोलकाता पुलिस की बड़ी कार्रवाई, गुजरात के 4 फ्रॉड गिरफ्तार
बड़ी खबर
Kolkata. कोलकाता। कोलकाता पुलिस ने गुजरात के चार फ्रॉड अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो देवी-देवताओं के भेष में ट्रैफिक सिग्नल पर लोगों से पैसे मांगते थे और उनका मोबाइल या बटुआ चोरी कर लेते थे। गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं – अनिल सलात, धीरू सलात, समीरभाई सलात और राजू कुमार। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाकर शहर में लोगों को ठगता था। जानकारी के अनुसार, आरोपी ट्रैफिक सिग्नल या भीड़भाड़ वाले स्थानों पर देवी-देवताओं के भेष में खड़े होते और राहगीरों से दान या मदद मांगते। लोग धार्मिक आस्था के चलते उनके पास रुक जाते और तभी गिरोह का खेल शुरू हो जाता। आरोपियों की चालाकी इतनी थी कि वे लोगों को उलझाते और कुछ ही समय में उनके पैसे, मोबाइल या बटुआ लेकर भाग जाते।
कोलकाता पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का पता पहले मोबाइल चोरी के एक मामले में मोहम्मद शाहनवाज और मोहम्मद समीर को गिरफ्तार करने के दौरान चला। उनसे पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर कोलकाता और अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार के फ्रॉड में लिप्त है। पुलिस ने कहा कि यह गिरोह केवल कोलकाता में ही नहीं, बल्कि देशभर में सक्रिय है। गिरोह के सदस्य अक्सर एक-दूसरे के साथ संपर्क बनाकर एक योजना के तहत लोगों को ठगते थे। गिरोह की यह चालाकी थी कि वे धार्मिक भेष में होने के कारण लोगों को अपना शिकार मानने पर मजबूर कर देते थे।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ट्रैफिक सिग्नल या सार्वजनिक स्थानों पर अनजान व्यक्तियों को पैसे देने से पहले सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। अधिकारियों ने कहा कि गिरोह के पास से कई मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान बरामद किया गया है। कोलकाता पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश शुरू कर दी है। बताया गया कि गिरोह के सदस्य विभिन्न शहरों में घूमते हुए इसी प्रकार के अपराध को अंजाम देते हैं। पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ जारी है और इससे अन्य संभावित मामलों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों को चेतावनी दी कि वे अपनी संपत्ति, विशेषकर मोबाइल और पर्स, सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षित रखें।
गिरोह की यह गतिविधि सामाजिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए खतरा पैदा करती है। अधिकारियों ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में केस दर्ज किया गया है और न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश मिला है कि पुलिस धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधों के मामलों में त्वरित जांच और गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी जरूरी है ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने बताया कि गिरोह के सदस्य अक्सर समूह में रहते थे और लोगों को भ्रमित करने के लिए अलग-अलग रणनीति अपनाते थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य संबंधित अपराधों की जांच भी कर रही है। इस तरह कोलकाता पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह को गिरफ्तार कर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की और धार्मिक आस्था का गलत फायदा उठाने वाले फ्रॉड अपराधियों के खिलाफ कड़ा संदेश दिया।