खरीफ विपणन समीक्षा बैठक: राईस मिल संचालकों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार रायपुर जिले में खरीफ विपणन कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक विशेष रूप से राईस मिल संचालकों के बीच खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 और 2025-26 के अंतरजिला चावल जमा करने, डी.ओ. जारी करने, धान उठाव और राईस मिल पंजीयन/नवीनीकरण की प्रगति का मूल्यांकन करने के उद्देश्य से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत रायपुर कुमार बिश्वरंजन ने की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर, खाद्य नियंत्रक रायपुर भूपेन्द्र मिश्रा, और जिला विपणन अधिकारी रायपुर जसबीर सिंह बघेल भी उपस्थित रहे। बैठक में रायपुर राईस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक अग्रवाल सहित जिले के अन्य राईस मिल संचालक भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा अंतरजिला चावल जमा करने, डी.ओ. जारी करने, धान उठाव, राईस मिल पंजीयन और नवीनीकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। उन्होंने राईस मिल संचालकों से आग्रह किया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर समस्त कार्य पूर्ण करें, ताकि खरीफ विपणन प्रक्रिया में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और खाद्य आपूर्ति सुचारु रूप से सुनिश्चित हो सके। बैठक में अधिकारियों ने यह भी कहा कि राईस मिल संचालक संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखें और किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तुरंत विभाग को सूचित करें। इससे विभाग समय रहते आवश्यक निर्देश और समाधान प्रदान कर सकेगा।
राईस मिल संचालकों ने बैठक में अपने सुझाव और संचालन संबंधी कठिनाइयों को साझा किया। अधिकारियों ने सुनिश्चित किया कि सभी सुझावों का गंभीरता से मूल्यांकन किया जाएगा और आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। बैठक में यह भी जोर दिया गया कि खरीफ विपणन कार्यों की समय पर पूर्ति न केवल किसानों के हित में है, बल्कि राज्य की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाती है। बैठक में उपस्थित सभी राईस मिल संचालकों ने शासन के निर्देशों के पालन का संकल्प लिया और इस बात पर सहमति जताई कि आगामी विपणन सत्र में कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण किया जाएगा। अधिकारियों ने राईस मिल संचालकों से यह भी आग्रह किया कि वे किसानों और किसानों के संगठनों के साथ भी अच्छे समन्वय बनाए रखें ताकि खरीफ विपणन कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो। इस प्रकार बैठक में खरीफ विपणन कार्यों की प्रगति, समय-सीमा पालन, विभागीय समन्वय और समस्याओं के त्वरित समाधान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य स्पष्ट था कि राज्य में खरीफ विपणन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुचारु और प्रभावी बनाया जाए।