Durg. दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मोबाइल स्टेटस पर एक खबर लगाना युवक के लिए परेशानी का कारण बन गया। ED की कार्रवाई से जुड़ी अखबार की कटिंग वॉट्सऐप स्टेटस पर लगाने के बाद युवक को कथित तौर पर धमकी दी गई। मामले में युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पाटन थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला पाटन थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता परमेश्वर सिंगौर निवासी रूही गांव ने पुलिस को बताया कि उसने एक अखबार में प्रकाशित खबर को अपने मोबाइल स्टेटस पर लगाया था। खबर में ED की कार्रवाई और अनिल चंद्राकर नाम का उल्लेख था। स्टेटस के नीचे उसने केवल ‘जामगांव एम’ लिखा था।
स्टेटस देखकर आया फोन
परमेश्वर के अनुसार, स्टेटस लगाने के अगले दिन उसे एक व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को अनिल चंद्राकर बताते हुए उससे गाली-गलौज की और धमकी देने का आरोप है। शिकायत में परमेश्वर ने बताया कि फोन करने वाले व्यक्ति ने उसे धमकाते हुए कहा कि उसे मारते-मारते थाने ले जाएगा और कई महीने के लिए जेल भिजवा देगा। परमेश्वर का कहना है कि उसने सामने वाले व्यक्ति को समझाने की कोशिश की कि उसने किसी को बदनाम करने या विवाद खड़ा करने के उद्देश्य से खबर नहीं लगाई थी, बल्कि सिर्फ जानकारी के लिए अखबार की कटिंग साझा की थी। इसके बावजूद कथित रूप से गाली-गलौज और धमकी जारी रही।
डर के कारण छोड़ा गांव
परमेश्वर ने पुलिस को बताया कि बातचीत के दौरान वह काफी डर गया था। उसने अपने दोस्त भोला राम सिंगौर के मोबाइल से पूरी बातचीत रिकॉर्ड कराई। रिकॉर्डिंग को पेन ड्राइव के जरिए पुलिस को सौंपने की बात कही गई है। शिकायत के मुताबिक, कुछ समय बाद उसे जानकारी मिली कि संबंधित व्यक्ति गांव आने वाला है और उसे बुला रहा है। इसके बाद परमेश्वर डर के कारण गांव छोड़कर चला गया। उसने पुलिस को बताया कि उसे अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।
दोनों अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति
मामले में एक अहम बात यह है कि ED की कार्रवाई में सामने आए अनिल चंद्राकर और धमकी देने के आरोपी जामगांव एम निवासी अनिल चंद्राकर अलग-अलग व्यक्ति हैं। परमेश्वर का कहना है कि वह ED मामले में सामने आए किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता है। उसने केवल अखबार में प्रकाशित खबर को पढ़ने के बाद उसे अपने स्टेटस पर लगाया था।
पुलिस कर रही जांच
परमेश्वर की शिकायत के आधार पर पाटन पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(4) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब फोन रिकॉर्डिंग, कॉल डिटेल और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वायरल ऑडियो में मौजूद आवाज किसकी है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ED से जुड़े मामले में जांच एजेंसी पहले ही CGPSC-2021 परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और पैसों के लेन-देन को लेकर कार्रवाई कर चुकी है। हालांकि, मोबाइल स्टेटस विवाद में पुलिस अलग मामले के रूप में जांच कर रही है।