जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट तबादला

छग

Update: 2026-08-10 13:22 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट किया गया है। न्यायिक और कानूनी क्षेत्र में करीब 26 वर्षों का व्यापक अनुभव रखने वाले जस्टिस मोहपात्रा के स्थानांतरण को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्हें सिविल, क्रिमिनल, सर्विस और संवैधानिक मामलों की सुनवाई का लंबा अनुभव है। जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा 17 अप्रैल 2015 को ओडिशा हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए थे। इससे पहले उन्होंने अधिवक्ता के तौर पर लंबे समय तक वकालत की और कानून के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मामलों में पैरवी की। अब सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के प्रशासनिक फेरबदल के तहत उन्हें छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया गया है।
उनका तबादला ऐसे समय में हुआ है, जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आने वाले महीनों में तीन न्यायाधीशों के सेवानिवृत्त होने की स्थिति बन रही है। जानकारी के अनुसार अगस्त में जस्टिस संजय एस. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इसके बाद सितंबर में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा भी सेवानिवृत्त होंगे। ऐसे में जस्टिस मोहपात्रा का स्थानांतरण न्यायिक प्रशासन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस समेत कुल 13 जज कार्यरत हैं। आने वाले समय में तीन न्यायाधीशों के सेवानिवृत्त होने के बाद न्यायालय में न्यायाधीशों की संख्या कम होगी। ऐसे में नए न्यायाधीश की नियुक्ति से न्यायालय के कामकाज को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है। जस्टिस मोहपात्रा के लंबे न्यायिक अनुभव को देखते हुए उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। वह न्यायिक पृष्ठभूमि वाले परिवार से आते हैं। उनके पिता सरत चंद्र मोहपात्रा भी न्यायाधीश रह चुके हैं। कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े परिवार में पले-बढ़े जस्टिस मोहपात्रा ने बीए और एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने कानूनी क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की। जस्टिस मोहपात्रा ने 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के तौर पर अपना पंजीकरण कराया था। इसके बाद उन्होंने वकालत शुरू की। अपने पेशेवर करियर के दौरान उन्होंने कानून के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मामलों में पैरवी की और व्यापक अनुभव हासिल किया। उनके अनुभव में सिविल और आपराधिक मामलों के साथ सर्विस तथा संवैधानिक मामलों से जुड़े प्रकरण भी शामिल रहे हैं।
लंबे समय तक वकालत करने के बाद 17 अप्रैल 2015 को उन्हें ओडिशा हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया। हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में उन्होंने विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की। न्यायिक सेवा के दौरान कानून के अलग-अलग पहलुओं से जुड़े मामलों पर उनका अनुभव और कार्य महत्वपूर्ण रहा। अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में उनके तबादले के बाद न्यायिक व्यवस्था में उनकी नई भूमिका होगी। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं और न्यायाधीशों की संख्या का न्यायिक कामकाज पर सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में अनुभवी न्यायाधीश के आने से मामलों की सुनवाई और न्यायिक कार्यों को गति मिलने की उम्मीद की जा रही है। विशेष रूप से सिविल, क्रिमिनल, सर्विस और संवैधानिक मामलों में जस्टिस मोहपात्रा के अनुभव का लाभ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिल सकता है। उनके न्यायिक अनुभव को देखते हुए हाईकोर्ट में विभिन्न प्रकार के महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।
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