रेत के कणों में सोना खोज रहे जशपुर के ग्रामीण, वीडियो आया सामने

Update: 2025-11-30 05:33 GMT

जशपुर। आधुनिक युग में जहां रोजगार के नए साधन उभर रहे हैं वहीं जशपुर जिले के ग्रामीण आज भी अपनी पुरानी परंपराओं के जरिए जीवनयापन कर रहे हैं। जिले की इब और मैनी नदियों के किनारे इन दिनों सोना तलाशने की परंपरा एक बार फिर जीवित हो उठी है।

सुबह होते ही ग्रामीण महिलाएं और पुरुष टोकनी और छलनी लेकर नदी तट की रेत छानने पहुँच जाते हैं। दिनभर की मेहनत के बाद रेत के कणों में छिपा सोना खोज निकालते हैं। साढुकछार के इतवारी बाई और दिनेश राम बताते हैं कि यह काम उनके पूर्वजों से चला आ रहा है, और वे आज भी इसी परंपरा को जीवित रखे हुए हैं। उनका कहना है इस काम से हमें रोज़ की मजदूरी के बराबर आमदनी हो जाती है, और कई बार दो दिन की मजदूरी जितना सोना भी मिल जाता है।

तामामुंडा, भालूमुंडा, लवाकेरा समेत अन्य ग्रामीणों के मुताबिक, पहले के मुकाबले अब रेत में सोने के कणों की मात्रा कम हो गई है, फिर भी यह काम उनकी जीविका का मुख्य साधन बना हुआ है। दिनभर की मेहनत के बाद जो थोड़ी मात्रा में सोना मिलता है उसे स्थानीय बाजार में बेचकर परिवार की जरूरतें पूरी की जाती हैं। नदी किनारे का यह दृश्य न केवल मेहनत और उम्मीद की तस्वीर पेश करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि जशपुर की धरती आज भी अपने लोगों को सोने की चमक से जोड़े रखे हुए है।



Tags:    

Similar News

null