रायपुर में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी का भंडाफोड़, महिला सहित तीन गिरफ्तार

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Update: 2025-11-01 18:21 GMT
रायपुर। राजधानी पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के सदस्य ओडिशा से गांजा लाकर अमरावती (महाराष्ट्र) में सप्लाई किया करते थे। पुलिस ने छापेमारी कर 56 किलो गांजा, एक KIA कार और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य महिला फरार बताई जा रही है।
🔹 पुलिस को मिली गुप्त सूचना, तत्काल कार्रवाई
मामला थाना डी.डी. नगर का है। पुलिस को 31 अक्टूबर 2025 को मुखबिर से सूचना मिली कि सुंदरनगर मैदान के पास एक सफेद रंग की कार में दो व्यक्ति बड़ी मात्रा में अवैध गांजा लेकर बैठे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर लाल उमेद सिंह ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
उनके मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) दौलत राम पोर्ते, नगर पुलिस अधीक्षक (पुरानी बस्ती) राजेश देवांगन, क्राइम ब्रांच, साइबर यूनिट और थाना डी.डी. नगर की संयुक्त टीम गठित की गई।
🔹 घेराबंदी में दबोचे आरोपी
टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर संदिग्ध वाहन की घेराबंदी की। पुलिस ने कार से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में खुलासा हुआ कि सुंदरनगर इलाके में एक महिला साथी ने उन्हें व्हाट्सएप लोकेशन भेजकर बताया था कि गांजा कहां छोड़ना है।
पुलिस ने तलाशी लेने पर तीन बोरियों में रखा 56 किलो गांजा बरामद किया। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे इस गांजे को ओडिशा से लेकर रायपुर के रास्ते अमरावती, महाराष्ट्र भेजने वाले थे।
🔹 गिरफ्तार आरोपी
राजू बेरिया, पिता गणेश राम बेरिया, उम्र 37 वर्ष — निवासी बाजार पारा खारियार रोड, शिव मंदिर के पास, नुवापाड़ा (ओडिशा)
गगन मांझी, पिता भानू मांझी, उम्र 23 वर्ष — निवासी सिरतूल इरिगेशन कॉलोनी, नुवापाड़ा (ओडिशा)
लक्ष्मी चौहान, पति अक्षय चौहान, उम्र 30 वर्ष — निवासी एयरण्ड थाना चांदूर रेलवे, अमरावती (महाराष्ट्र)
फरार आरोपी:
अर्चना चौहान, निवासी अमरावती (महाराष्ट्र)
🔹 जब्त मशरुका
एक KIA कार (क्रमांक CG04 JC 0255)
56 किलो गांजा
मोबाइल फोन जिसमें व्हाट्सएप के जरिए लोकेशन और ड्रग डिलीवरी के संदेश मिले हैं।
🔹 पुलिस जांच में बड़ा नेटवर्क उजागर
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह ओडिशा के नुवापाड़ा इलाके से गांजा लाकर महाराष्ट्र तक सप्लाई करता था। आरोपी व्हाट्सएप लोकेशन के माध्यम से सुरक्षित स्थानों पर माल छोड़ते थे और खरीदार बाद में वहीं से गांजा उठा लेते थे। इससे तस्करों के बीच सीधा संपर्क नहीं होता था, जिससे पुलिस को पकड़ने में मुश्किल होती थी।
इस मॉड्यूल में महिला आरोपी की भूमिका महत्वपूर्ण बताई जा रही है, जो ड्रग डिलीवरी पॉइंट तय करती थी और स्थान की जानकारी पुरुष तस्करों को भेजती थी।
🔹 पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना
इस कार्रवाई में क्राइम ब्रांच, साइबर यूनिट और थाना डी.डी. नगर पुलिस की टीम का विशेष योगदान रहा।
टीम ने तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह ने टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि —
“रायपुर पुलिस नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।”
🔹 आगे की जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (बी) के तहत अपराध दर्ज किया है। फरार महिला आरोपी अर्चना चौहान की तलाश में टीम महाराष्ट्र रवाना की गई है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क का लिंक छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के किन शहरों तक फैला है और क्या इसके तार किसी बड़े ड्रग सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं।
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