Mahasamund. महासमुंद। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनुपमा आनंद ने 11 अगस्त 2026 को महासमुंद विकासखंड के ग्राम झलप का दौरा कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया। साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों और उनके द्वारा तैयार किए जा रहे स्व-निर्मित उत्पादों की जानकारी ली। ग्राम झलप भ्रमण के दौरान जिला पंचायत सीईओ अनुपमा आनंद वात्सल्य महिला क्लस्टर संगठन के अंतर्गत वेंडर के रूप में कार्य कर रहीं सोलर दीदी काजल साहू के घर पहुंचीं। उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का अवलोकन किया। काजल साहू ने प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने निवास पर 2 किलोवॉट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित किया है।
सीईओ ने सोलर दीदी काजल साहू के कार्य की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अधिक से अधिक लोगों को इस योजना से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने सोलर पैनल स्थापना के कार्य को व्यापक स्तर पर विस्तार देने के लिए भी प्रेरित किया। जिला पंचायत की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सौर ऊर्जा के फायदे बताने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इससे परिवारों को बिजली की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित लोगों को सोलर पैनल स्थापना और इससे जुड़ी गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास भी किया जा रहा है। इसी क्रम में काजल साहू सोलर दीदी के रूप में कार्य कर रही हैं।
भ्रमण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित महिला स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बिहान के जय भवानी स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित दुकानों का जायजा लिया। यहां समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे विभिन्न स्व-निर्मित उत्पादों को देखकर उन्होंने महिलाओं से उनके कामकाज और उत्पादों की बिक्री से संबंधित जानकारी ली। जय भवानी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा बाँस से तैयार की जाने वाली हस्तकला सामग्री के साथ अचार, बड़ी, पापड़ और विभिन्न प्रकार के मसालों सहित कई उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों के माध्यम से महिलाएं अपनी आजीविका को मजबूत करने का प्रयास कर रही हैं। सीईओ ने महिलाओं के साथ संवाद करते हुए उनके कार्यों की जानकारी ली और उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
अनुपमा आनंद ने महिला समूह की सदस्यों से उत्पादों की बिक्री और बाजार से जुड़ी चुनौतियों के बारे में भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि केवल उत्पाद तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध कराना और अधिक से अधिक ग्राहकों तक पहुंचाना भी जरूरी है। इसके लिए महिलाओं को अपने उत्पादों की पैकेजिंग, गुणवत्ता और प्रचार-प्रसार पर ध्यान देने के साथ नए बाजारों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उन्होंने बिहान समूह की महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए अपने उत्पादों का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने की सलाह दी। साथ ही स्थानीय बाजारों के अलावा नए बाजारों से जुड़कर आय के साधनों को बढ़ाने पर जोर दिया। महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी उन्होंने महत्वपूर्ण बताया। ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा और महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका गतिविधियों को एक साथ बढ़ावा देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़ सकते हैं। ग्राम झलप में हुए इस निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत की योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति भी देखी गई। इस अवसर पर जिले से एपीओ त्रिवेणी, डीपीएम शिवदे सिंह सहित वात्सल्य महिला क्लस्टर संगठन की पदाधिकारी बहनें और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने योजनाओं से जुड़े कार्यों की जानकारी साझा की और महिला समूहों की गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।