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Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के पारंपरिक और प्रमुख कृषि पर्व हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, कृषि संस्कृति और ग्रामीण जीवन से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और अच्छी फसल के लिए कामना करते हुए सभी लोगों को हरेली की बधाई दी। हरेली तिहार के अवसर पर मुख्यमंत्री आवास में हर साल की तरह इस वर्ष भी विशेष समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने बताया कि हरेली के अवसर पर भगवान भोले बाबा, गौ माता और खेती-किसानी में उपयोग आने वाले कृषि उपकरणों की पूजा की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व छत्तीसगढ़ की कृषि प्रधान संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है और किसानों के जीवन में इसका विशेष महत्व है।
#WATCH रायपुर। हरेली तिहार समारोह पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, "सभी को हमारी तरफ से हरेली त्योहार की खूब बधाई और हर साल की तरह इस साल भी सरकार की तरफ हरेली त्योहार का आयोजन मुख्यमंत्री आवास में हुआ है... हम लोग इस त्योहार में भोले बाबा की पूजा करते हैं और गौ… pic.twitter.com/8CEeiRD9lM
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 12, 2026
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेली का यह पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए। उन्होंने अच्छी बारिश और बेहतर कृषि उत्पादन की भी कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में बारिश अच्छी हो, खेती-किसानी का काम बेहतर तरीके से हो और पूरे छत्तीसगढ़ में खुशहाली आए, यही उनकी कामना है। हरेली तिहार छत्तीसगढ़ में किसानों और कृषि परंपराओं से जुड़ा प्रमुख पर्व माना जाता है। इस दिन किसान अपने कृषि उपकरणों, हल, बैल और खेती में उपयोग होने वाले अन्य साधनों की पूजा करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इस पर्व को विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है। कई स्थानों पर पारंपरिक खेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाता है। हरेली के अवसर पर गौ पूजा की भी विशेष परंपरा है। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन में पशुधन का कृषि व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। ऐसे में किसान और ग्रामीण परिवार इस दिन गाय और अन्य पशुधन की पूजा करते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने भी हरेली पर्व के दौरान गौ माता की पूजा का उल्लेख करते हुए इस परंपरा के महत्व को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरेली केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की पहचान और लोक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पर्व प्रकृति, खेती और पशुधन के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत करता है। कृषि आधारित जीवनशैली से जुड़े इस त्योहार के माध्यम से किसान नई कृषि ऋतु की शुरुआत के अवसर पर बेहतर फसल और समृद्धि की कामना करते हैं। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित हरेली समारोह में पारंपरिक वातावरण देखने को मिला। पूजा-अर्चना के दौरान प्रदेश की खुशहाली और किसानों की समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के परिवारों में सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हुए कहा कि हरेली का पर्व सभी के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और नई उम्मीद लेकर आए।
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