DCP नार्थ जोन मयंक गुर्जर की पहल, नशामुक्ति और यातायात नियमों पर जनजागरूकता की तेज

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Update: 2026-02-12 18:38 GMT
Raipur. रायपुर। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर के नॉर्थ जोन में “संवाद से समाधान” अभियान के तहत व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) नॉर्थ जोन मयंक गुर्जर (भा.पु.से.) के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम तथा सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णीमा लामा के मार्गदर्शन में यह अभियान स्कूलों, मोहल्लों और ग्राम क्षेत्रों तक सक्रिय रूप से संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, नागरिकों और ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशामुक्ति तथा यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है।
अभियान के अंतर्गत थाना पण्डरी, उरला और गुढ़ियारी सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। थाना पण्डरी क्षेत्रांतर्गत स्कूल में यातायात टीम के साथ विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के नियमों की जानकारी दी गई, वहीं थाना उरला में जनसमुदाय के बीच संवाद कर साइबर अपराधों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। थाना गुढ़ियारी क्षेत्रांतर्गत स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सतर्क रहने और कानून के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया।
साइबर जागरूकता सत्रों में पुलिस अधिकारियों ने अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और फर्जी ऐप्स से सावधान रहने की समझाइश दी। नागरिकों को बताया गया कि किसी भी प्रकार के डर या लालच में आकर ऑनलाइन लेन-देन न करें और बैंकिंग/ओटीपी संबंधी जानकारी किसी से साझा न करें। ऑनलाइन वित्तीय ठगी, सोशल मीडिया अपराधों और फर्जी लोन ऐप्स के बढ़ते मामलों के मद्देनजर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई। साथ ही साइबर ठगी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तत्काल कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई, ताकि समय रहते कार्रवाई संभव हो सके।
यातायात नियमों के संबंध में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में हेलमेट पहनकर वाहन चलाने, संयमित गति बनाए रखने और यातायात संकेतों का पालन करने पर जोर दिया गया। विशेष रूप से अभिभावकों को समझाइश दी गई कि 18 वर्ष की आयु से पूर्व नाबालिग बच्चों को दोपहिया वाहन चलाने हेतु न दें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा में लापरवाही न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि बच्चों के जीवन के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा करती है।
पुलिस द्वारा समझाइश के बावजूद नाबालिगों को वाहन चलाने हेतु दोपहिया उपलब्ध कराने वाले अभिभावकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट (एमवी एक्ट) के तहत वैधानिक कार्रवाई भी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम अनुशासन और जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात व्यवस्था कायम रखी जा सके। अभियान के दौरान विद्यार्थियों, नागरिकों एवं ग्रामीणों ने पुलिस के इस प्रयास की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर का मानना है कि “संवाद से समाधान” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता और विश्वास का माहौल मजबूत होगा, जिससे अपराध नियंत्रण और सामाजिक सुरक्षा के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सकेगा।
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