Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एक बड़े विवाद के घेरे में आ गया है। एक बार फिर जनता से रिश्ता की खबर का असर हुआ है और न्यू राजेंद्र नगर थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने मित्तल अस्पताल द्वारा भेजे गए 3 गुंडों में से 2 गुंडों को हिरासत में लिया है। आपको बता दें कि जनता से रिश्ता में पीड़ित पक्ष को धमकी-चमकी देने की ख़बरें 4 दिन पहले ही अपने समाचार पत्र और न्यूज़ वेबसाइट में प्रकाशित की थी। जिसकी वजह से थाना प्रभारी ने आज इस मामलें में कार्रवाई करते हुए मित्तल अस्पताल के 2 गुंडों को गिरफ्तार हिरासत में ले लिया है। आगे की पूछताछ जारी है। आपको बता दें कि ये मामला वहां से शुरू हुआ था जब जशपुर जिले की आदिवासी निवासी मरीज की भांजी नुपुर एक्का नामक युवती ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, अवैध वसूली और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। मामला आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को निशुल्क इलाज की सुविधा दी जाती है।
पीड़िता के अनुसार, अस्पताल ने उनके इलाज के दौरान न केवल आयुष्मान कार्ड से 3 लाख रुपये से अधिक की राशि ब्लॉक की, बल्कि उतनी ही रकम नकद में भी वसूली, और उसकी कोई बिलिंग या रसीद नहीं दी गई। यही नहीं, अस्पताल के कर्मचारियों ने यह कहकर दबाव बनाया कि “आयुष्मान कार्ड की सीमा खत्म हो गई है,” जबकि योजना के अनुसार कार्ड पर पर्याप्त राशि उपलब्ध थी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में जिन पर आरोप लगाए हैं, उनमें शामिल हैं डॉ. आशीष मित्तल, निदेशक, मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज डॉ. सुमन मित्तल, चिकित्सक, आशीष अग्रवाल, प्रबंधक, इन पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर मरीज से झूठे बहाने बनाकर लगभग 3 लाख से ज्यादा की नकद वसूली की, जबकि इलाज आयुष्मान योजना के तहत पूर्णतः निशुल्क था। इतना ही नहीं, सरकारी दवाइयों को निजी फार्मेसी से बेचने, और मरीज परिवार को डराने-धमकाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
मुख्य विवाद: आयुष्मान योजना में दोहरा भुगतान और धोखाधड़ी
यह पूरा मामला आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत गरीब और जरूरतमंद मरीजों को मिलने वाले निःशुल्क इलाज से जुड़ा है। पीड़िता नुपुर एक्का ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके मरीज के इलाज के दौरान आयुष्मान कार्ड से राशि ब्लॉक अस्पताल ने आयुष्मान कार्ड से ₹3 लाख से अधिक की राशि ब्लॉक कर दी। पीड़िता के अनुसार, अस्पताल के कर्मचारियों ने उन्हें यह कहकर दबाव बनाया कि "आयुष्मान कार्ड की सीमा खत्म हो गई है," जबकि योजना के अनुसार कार्ड पर पर्याप्त राशि उपलब्ध थी और इलाज पूर्णतः निशुल्क होना चाहिए था। इन पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर मरीज से झूठे बहाने बनाकर लगभग ₹3 लाख से ज्यादा की नकद वसूली की, जबकि इलाज आयुष्मान योजना के तहत पूरी तरह से निःशुल्क था। इसके अलावा, सरकारी दवाइयों को निजी फार्मेसी से बेचने और मरीज के परिवार को डराने-धमकाने के भी आरोप लगाए गए हैं।
जनता से रिश्ता की खबर का असर 2 गुंडे गिरफ्तार
यह विवाद तब और गहरा गया जब पीड़ित पक्ष को धमकाने और डराने-चमकाने की खबरें सामने आईं। धमकी देने का प्रयास किया गया जिसके बाद पीड़ित के एक रिश्तेदार, जो रायपुर में रहकर पढ़ाई करते हैं और इस पूरे मामले में पीड़ितों का साथ दे रहे हैं, उन्हें 10 नवंबर को एक अज्ञात नंबर से कोरियर बॉय का कॉल आया। उन्हें पार्सल होने के नाम पर न्यू राजेंद्र नगर के पास बुलाया गया। इसकी जानकारी मिलते ही न्यू राजेंद्र नगर थाना प्रभारी अविनाश सिंह ने तत्काल कार्रवाई की। थाने के स्टाफ ने कोरियर बॉय को थाने बुलाया और पूछताछ की। कोरियर बॉय ने पुलिस को बताया कि तीन अज्ञात लोगों ने उसे रोककर उसका मोबाइल लिया था और रोशन कुमार (पीड़ित के रिश्तेदार) नाम के व्यक्ति से बात की थी, और उन्हें मिलने के लिए बुलाया था। जनता से रिश्ता में पीड़ित पक्ष को धमकी-चमकी देने की ख़बरें 4 दिन पहले ही प्रकाशित की थीं। इसी खबर का असर हुआ और पीड़ित पक्ष रोहन सिंह की सूझबूझ के चलते थाना प्रभारी ने आज इस मामले में कार्रवाई करते हुए मित्तल अस्पताल द्वारा भेजे गए 3 गुंडों में से 2 गुंडों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा आगे की पूछताछ जारी है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल क्षेत्राधिकार का विवाद
पीड़ित पक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम के बाद न्यू राजेंद्र नगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अपहरण, धमकाने व मारपीट की आशंका जताई। कोरियर बॉय के बयान के आधार पर तीन अज्ञात लोगों समेत मित्तल अस्पताल के संचालक के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई। हालांकि, शुरुआत में न्यू राजेंद्र नगर थाने के ASI ने यह कहकर कार्रवाई से इनकार कर दिया था कि यह उनका थाना क्षेत्र नहीं है और पीड़ित को पंडरी थाने में शिकायत करने की बात कही। थाना प्रभारी ने बताया कि यह पूरा मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है, जबकि कोरियर बॉय से कॉल में बात करने की घटना उनके थाना क्षेत्र की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में लोकेशन ट्रेस करवाया जा रहा है, जिसमें 3 से 4 दिन का समय लगता है, और जांच के आधार पर ही FIR दर्ज की जाएगी। इस बीच, पुलिस द्वारा 2 गुंडों को हिरासत में लेना मामले की गंभीरता और जनता से रिश्ता की खबरों के प्रभाव को दर्शाता है। पुलिस अब इन गुंडों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उन्हें किसने भेजा था और आयुष्मान योजना के तहत हुई अवैध वसूली में अस्पताल प्रबंधन की क्या भूमिका थी।