आयुष्मान से इलाज, मरीज से कैश भी लिया, पीड़ित ने की शिकायत तो धमकाने लगा अस्पताल प्रबंधन

मित्तल अस्पताल में मरीज़ के साथ अपहरण की कोशिश
जशपुर के आदिवासी मरीज़ के साथ मित्तल अस्पताल प्रबंधन कर रहा अन्याय
मित्तल अस्पताल पीड़ित प्रबंधन कोरियर बॉय के मोबाइल से दी किडनैपिंग की धमकी
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिया कार्रवाई का आश्वाशन
अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गंभीर आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में जिन पर आरोप लगाए हैं, उनमें शामिल हैं डॉ. आशीष मित्तल, निदेशक, मित्तल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज डॉ. सुमन मित्तल, चिकित्सक, आशीष अग्रवाल, प्रबंधक, इन पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर मरीज से झूठे बहाने बनाकर लगभग 3 लाख से ज्यादा की नकद वसूली की, जबकि इलाज आयुष्मान योजना के तहत पूर्णतः निशुल्क था। इतना ही नहीं, सरकारी दवाइयों को निजी फार्मेसी से बेचने, और मरीज परिवार को डराने-धमकाने के भी आरोप लगाए गए हैं। इस बीच पीड़ित के रिश्तेदार जो रायपुर में रहकर पढ़ाई करता है जो इस पूरे मामलें में पीड़ितों के साथ रहा है। जिसे 10 नवंबर को एक अज्ञात नंबर से कोरियर बॉय का कॉल आया जिसमें पार्सल होने के नाम पर उसे न्यू राजेंद्र नगर के पास बुलाया गया। जिसकी जानकारी उसने न्यू राजेंद्र नगर थाने में दी। थाने के स्टाफ से मोबाइल नंबर द्वारा कोरियर बॉय को थाने में बुलाया और पूछताछ की। उसने पुलिस को बताया कि 3 अज्ञात लोगों ने उसे रोककर उसका मोबाइल लिया था और रोशन कुमार नाम के व्यक्ति से बात की और पार्सल होने की बात कहकर उसे मिलने बुलाया। फिर वो चला गया था। बाद में मैंने कॉल करके रोशन कुमार को उन लोगों द्वारा फोन करने और शसंकित होकर खुद ही मिलने से रोका था। इस वाक्या को लेकर रोशन कुमार को शक हुआ कि सम्भवतः ये कॉल अस्पताल प्रबंधन द्वारा ही अपने लोगों से करवाई गई हो। ताकि पीड़ित पक्ष डर जाए और मामलें की शिकायत वापस लेले। पीड़ित ने इस मामलें की जानकारी थाने में दी गई है। और अपहरण, धमकाने-चमकाने व मारपीट की आशंका जताते हुए कोरियर बॉय के बयान के आधार पर तीन अज्ञात लोगों समेत मित्तल अस्पताल के संचालक के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। जिस पर राजेंद्र नगर थाना के ASI ने कोई कार्रवाई नहीं की और पीड़ित को हमारा थाना क्षेत्र नहीं होने की बात कहकर पंडरी थाने में शिकायत करने की बात कही। राजेंद्र थाना प्रभारी कहा है कि ये पूरा मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है। बस कोरियर बॉय से कॉल में बात करने की घटना मेरे थाना क्षेत्र की है। इस मामलें में लोकेशन ट्रेस करवाया जा रहा है और अब तक जांच की जा रही है जांच के आधार पर FIR दर्ज नहीं किया जा सकता। लोकेशन ट्रेस करने के लिए 3 से 4 दिन का समय लगता है।





